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कोटा: अब बिना हेलमेट चलने वालों का नहीं कटेगा चालान, पुलिस देगी मुफ्त हेलमेट

सड़क दुर्घटनाओं में हेलमेट नहीं पहनने की वजह से हो रहे दुर्घटनाओं के कारण कोटा पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने समाजसेवी संगठन और रेपीडो बाइक्स के साथ मिलकर ये अनूठी पहल शुरू की है. 

कोटा: अब बिना हेलमेट चलने वालों का नहीं कटेगा चालान, पुलिस देगी मुफ्त हेलमेट
अब कोटा पुलिस यात्रियों को हेलमेट देगी, वो भी बिल्कुल मुफ्त.

कोटा: 'सड़कों पर बहने से अच्छा है रगों में बहे खून' इस सोच के साथ अब कोटा पुलिस आगे आयी है. जनता को हेलमेट के प्रति जागरूक करने एवम सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान बचाने के लिए अब कोटा पुलिस ने जिम्मेदारी उठायी है. अगर आप कोटा की सड़कों पर दुपहिया वाहन चला रहें हैं और आपके पास हेलमेट नहीं है तो आपको अब चिंता करने की जरूरत नहीं है.
 
खबर के मुताबिक अब कोटा पुलिस यात्रियों को हेलमेट देगी, वो भी बिल्कुल मुफ्त. काम होने के बाद आपको ये हेलमेट पुलिसकर्मियों को वापस लौटाना होगा. इसके लिए पुलिस आपसे कोई चार्ज भी वसूल नहीं करेगी. ये हेलमेट हर चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस के कियोस्क पर आपको मिल सकेंगे और वापस उसी जगह जमा होंगे.

दरसअल सड़क दुर्घटनाओं में हेलमेट नहीं पहनने की वजह से बढ़ रहे मौतों के आंकड़ों से चिंतित होकर कोटा पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने समाजसेवी संगठन और रेपीडो बाइक्स के साथ मिलकर ये अनूठी पहल शुरू की है. जिसमे अब ट्रैफिक पुलिस के हर कियोस्क पर हेलमेट उपलब्ध होंगे और जैसे ही कोई बिना हेलमेट पहने वाहन चालक नजर आएगा तो ट्रैफिक पुलिसकर्मी उसे अपने पास से हेलमेट देगा और उसका नाम, पता, मोबाइल नम्बर और गाड़ी नम्बर की एंट्री रजिस्टर में करेगा. 

वहीं वापसी में वाहन चालक को ये हेलमेट वापस उसी कियोस्क पर लौटाना होगा. ये सब निःशुल्क होगा लेकिन यदि हेलमेट कियोस्क पर वापस नही लौटाया गया तो फिर ई-चालान घर पर भेज कर वसूली की जाएगी. लायंस क्लब कोटा, रेपीडो बाइक्स के सदस्यों ओर कोटा पुलिस की टीम ने आज इस अभिनव पहल की शुरुआत की. कार्यक्रम में महिलाओं को हेलमेट भी दिए गए. 

पुलिस अधीक्षक एसपी दीपक भार्गव ने बताया कि हेलमेट नही पहनने के कारण हर वर्ष कई लोगों की जान चली जाती है. शिक्षा नगरी में बाइक तो किराए पर मिल जाती है लेकिन हेलमेट नहीं मिलता और लोग बिना हेलमेट के ही निकल जाते है और हादसों में अपनी जान गंवा देते है. इसी सोच के साथ कोटा पुलिस ने समाज सेवी संगठन के लोगों के साथ मिलकर इस कार्यक्रम की शुरुवात की है. इस दौरान ग्रामीण एसपी राजन दुष्यंत, एडिशनल एसपी राजेश मील एवम ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी मौजूद थे.

अक्सर पब्लिक के निशाने पर रहने वाली पुलिस की ये पहल निश्चित ही सराहनीय है. इस शुरूवात के बाद एक जान भी अगर हेलमेट की वजह से बच जाती है तो इसका श्रय पुलिस के खाते में दर्ज होगा ओर किसी के परिवार के लिए जीवनदायी साबित होगा.