कोटा: पहले भजन-हवन और अब जलस्तयग्रह का लिया सहारा, बिजली कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन जारी

भजन गाए जा रहै है कीर्तन भी हो रहा है पानी में दर्जनों लोग मौजूद हैं. शहर में विरोध बिजली कंपनी के खिलाफ हो रहा है. शहर में बिजली व्यवस्था की कमान जब से निजी कम्पनी केईडीएल को सौंपी गई थी.

कोटा: पहले भजन-हवन और अब जलस्तयग्रह का लिया सहारा, बिजली कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन जारी

कोटा/ हिमांशु मित्तल: राजस्थान के कोटा में बिजली कंपनी को भगाने के लिए लोगो ने जल सत्याग्रह शुरू कर दिया है. दर्जनों लोग चंबल नदी में उतर गए हैं और कोटा की बिजली कंपनी KEDL को कोटा से हटाने की मांग जल सत्यग्रह के जरिए कर रहै हैं. चंबल नदी में लगातार KEDL GO BACK के नारे ही सुनाई दे रहे हैं.

भजन गाए जा रहै है कीर्तन भी हो रहा है पानी में दर्जनों लोग मौजूद हैं. शहर में विरोध बिजली कंपनी के खिलाफ हो रहा है. शहर में बिजली व्यवस्था की कमान जब से निजी कंपनी केईडीएल को सौंपी गई थी. जिसके बाद बिजली कंपनी ने स्मार्ट मीटर लगाए और लोगों के बिजली के बिल दो से तीन गुना बढ़ गए. शहर के हर शख्स की मांग यही है की बिजली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई हो बिजली कंपनी को वापस भेजा जाए इसी को लेकर KEDL भगाओ कोटा बचाओ संघर्ष समिति बनाई गई है.

समिति के लोग चंबल नदी में उतर गए हैं और जलसत्याग्रह के जरिए यही मांग की जा रही है की कोटा को लूटने से बचाने के लिए बिजली कंपनी को वापस भेजा जाए. जल सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे सिंह ने कहा कि बिजली कंपनी केईडीएल शहर वासियों के साथ लूट कर रही है. ऐसे में हमें इस 15 अगस्त के पहले इस बिजली कंपनी से आजादी चाहिए. जिसके लिए कोटा बंद रहेगा.

हालांकि, पानी में उतरे केईडीएल भगाओ संघर्ष समिति के संयोजक हिम्मत सिंह हाड़ा की सुबह से शाम तक पानी में खड़े रहने के बाद तबियत भी बिगड़ गई. जिसके बाद में उन्हें अस्पताल में भर्ती तक करवाने की नौबत आ गई और कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती करवाना पड़ा.   

बिजली कंपनी को लेकर विरोध हर तबके का है विपक्ष से लेकर पक्ष कोटा के जनप्रतिनिधि तक बिजली कंपनी का विरोध जता चुके है हर इलाके से बिजली कंपनी को वापस भेजने की मांग शहर में की जा रही है इसको लेकर शहर में 10 अगस्त को कोटा बंद का आव्हान भी किया गया है.