बढ़ते बिजली के बिल से परेशान लोग बिजली कंपनी को भगाने के लिए कर रहे हैं पूजा-हवन

कोटा में सब लोग मिल कर KEDL भगाओ, कोटा बचाओ अभियान चला रहे हैं. इस आंदोलन की खास बात यह है कि इसकी शुरुआत हवन और पूजा के साथ मंत्रोचार करते हुए की गई है. 

 बढ़ते बिजली के बिल से परेशान लोग बिजली कंपनी को भगाने के लिए कर रहे हैं पूजा-हवन

हिमांशु मित्तल, कोटा: राजस्थान के कोटा में लोग बिजली के दामों से परेशान हो गए हैं. यहां पिछले डेढ़ साल से एक निजी कंपनी KEDL द्वारा बिजली दी जा रही है लेकिन कोटा के लोग बिजली के बढ़ते दामों से परेशान हैं और इसके चलते कोटा के सभी लोग विरोध कर रहे हैं. यहां सब लोग मिल कर KEDL भगाओ, कोटा बचाओ अभियान चला रहे हैं. इस आंदोलन की खास बात यह है कि इसकी शुरुआत हवन और पूजा के साथ मंत्रोचार करते हुए की गई है. 

यहां के लोग हवन और मंत्रोचार करा रहे हैं. हनुमान चालीसा का पाठ भी किया जा रहा है. वहीं, मुस्लिम लोग भी नमाज अदा कर रहै हैं. आपको बता दें कि शहर में लगातार लोगों के पुराने मीटर बदल कर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं. जिस वजह से लोगों के बिल काफी बढ़ गए हैं और इस वजह से लोग बेहद परेशान हैं. शहर के हर इलाके के लोगो का मानना है की अब बिजली के बिल या तो डेढ़ गुने या फिर दुगने हो गए हैं. जिसके चलते शहर में KEDL भगाओ, कोटा बचाओ संघर्ष समिति बनाई गई है. जिसने आंदोलन शुरू किया है और आंदोलन की शुरुआत हवन, पूजा और मंत्रोचार कर प्रार्थना के साथ की गई है.  

भाजपा के जनप्रतिनिधिओं भी हैं परेशान
कोटा में बिजली व्यवस्था की कमान बीते डेढ़ साल से निजी बिजली कम्पनी KEDL के हाथ में है. सरकार ने बिजली व्यवस्था को निजी हाथो में इसलिए सौंपा था जिससे हालातो में सुधार हो सकें, लेकिन बीते डेढ़ साल में सुविधाओं के नाम पर शहर में बिजली व्यवस्था खराब हो गई और लोग बिजली के बिल से भी परेशान हो गए. यहां अहम बात यह है कि खुद बीजेपी के  सांसद ,विधायक, पार्षद भी बिजली कंपनी के काम से खुश नहीं है और लगातार बढ़ रहे बिलों से परेशान हैं. 

10 दिन के आंदोलन के बाद कोटा बंद की चेतावनी
विरोध निजी बिजली कम्पनी के खिलाफ अगले 10 दिन तक चलेगा. यह जन आंदोलन है लेकिन, अगर 10 दिनों में इस पर फैसला नहीं लिया गया तो कोटा बंद की चेतावनी भी संघर्ष समिति की तरफ से जारी की गई है . अब आम हो खास हो अमीर हो या गरीब सबके लिए कोटा में बिजली कम्पनी परेशानी का सबब बनीं हुई है.