कोटा: पुलिस की हिस्ट्रीशीटर के साथ पार्टी करने की तस्वीरें वायरल, ASI निलंबित

मंगलवार को फिर कोटा ग्रामीण पुलिस में तैनात ASI अजीत मोगा और भानु गैंग के गुर्गे हिस्ट्रीशीटर रणवीर चौधरी के साथ गोवा में पार्टी करने की कुछ तस्वीरें सामने आई है.

कोटा: पुलिस की हिस्ट्रीशीटर के साथ पार्टी करने की तस्वीरें वायरल, ASI निलंबित
फिलहाल इन सभी को निलंबित किया जा चुका है.

कोटा: राजस्थान के कोटा पुलिस और माफियाओं के गठजोड़ की कुछ और नई तस्वीरें सामने आने के बाद कोटा पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है. वहीं, मामले को गंभीरता से लेते हुए कोट डीआईजी रवि दत्त गौड़ ने कल ग्रामीण पुलिस के ASI अजीत मोगा को भी निलंबित कर दिया. जबकि 4 दिन पहले सिटी पुलिस के ASI सूर्यवीर सहित 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है.

साथ ही, पुलिस डीजीपी लगातार पुलिस की छवि को सुधारने की कोशिश में जुटे हुए है. वहीं, पुलिसकर्मियों की बदमाशों के साथ गोवा पार्टी, बर्थडे पार्टी और सेल्फियों ने पुलिस-माफिया गठबंधन की पोल खोल कर रख दी है. पूरा पुलिस महकमा फिलहाल सकते में है. अपराधियों में खौफ का नारा देने वाली पुलिस की इन तस्वीरों के सामने आने के बाद समझा जा सकता है कि आखिर बदमाशों में पुलिस के प्रति कितना खौफ बचा है.

दरसअल, रणवीर हत्याकांड के बाद शिवराज गैंग के कुछ गुर्गों के साथ कोटा सिटी पुलिस के 5 पुलिसकर्मियों की पार्टी करने की तस्वीरें सामने आई थी. कुछ दिनों बाद इन गुर्गों को पेट्रोल पम्प पर डकैती करने की साजिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद मामला सामने आने पर डीआईजी रवि दत्त गौड़ ने ASI सूर्यवीर सिंह, बलवीर हेडकांस्टेबल, गनर वीरेंद्र और जितेंद्र तथा सिटी एसपी ऑफिस में तैनात देशबंधु को सस्पेंड कर दिया था

जिसके बाद मंगलवार को फिर कोटा ग्रामीण पुलिस में तैनात ASI अजीत मोगा और भानु गैंग के गुर्गे हिस्ट्रीशीटर रणवीर चौधरी के साथ गोवा में पार्टी करने की कुछ तस्वीरें सामने आई है. जिनमे एसीबी में ट्रेप हुए सीआई जोधाराम गुर्जर भी शामिल है.
 
वहीं, दूसरी तस्वीर बर्खास्त हैड कांस्टेबल रविंद्र मालिक, एसपी ऑफिस में तैनात कांस्टेबल मनीष चौधरी और हिस्ट्रीशीटर कल्लू कुलदीप की है. इन तस्वीरों के सामने आने के बाद पुलिस और बदमाशों, गैंगस्टर का गठबंधन पूरी तरह एक्सपोज हो गया है. फिलहाल इन सभी को निलंबित किया जा चुका है और इनकी जांच की जा रही है.

अब देखना होगा कि पुलिस की आमजन में छवि को सुधारने को लेकर लगातार कोशिश में जुटे पुलिस मुख्यालय के तमाम प्रयासों को पुलिसकर्मियों द्वारा हर कदम पर नाकामयाब किया जा रहा है. ऐसे में कैसे पुलिस इन संगीन आरोपों से खुद के दामन को बचा पाती है.