Baran: कोरोना की तीसरी लहर को लेकर प्रशासन अलर्ट, स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने पर जोर

जिले में तीसरी लहर जैसी स्थिति अभी नहीं है. प्रशासन और चिकित्सा विभाग अलर्ट पर हैं. अस्पतालों में ओपीडी से लेकर भर्ती को लेकर इंतजाम दुरुस्त किए जा रहे हैं.

Baran: कोरोना की तीसरी लहर को लेकर प्रशासन अलर्ट, स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने पर जोर
बारां में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर तैयारियों में जुटा प्रशासन. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Baran: बारां जिले में अप्रैल से शुरू हुई कोरोना की दूसरी लहर में दो महीने में जन्म से 18 साल तक के 1059 बच्चे-किशोर चपेट में आए हैं. अब तीसरी लहर में बच्चों के अधिक प्रभावित होने का अनुमान है. ऐसे में अभिभावकों में चिंता बनी हुई है. जिला प्रशासन से लेकर चिकित्सा विभाग व अस्पताल तैयारियों में जुटे हुए हैं, ताकि तीसरी लहर जैसे हालात बनने पर समय पर उपचार दिया जा सके.

जानकारी के अनुसार, जिले में कोरोना संक्रमण का पहला मामला पिछले साल 29 अप्रैल को सामने आया था. इसके बाद दिसंबर आते-आते कोरोना के केस कम हो गए. पहली लहर में बच्चे अधिक प्रभावित नहीं हुए. कोरोना की दूसरी लहर अप्रैल से शुरू हुई. इसमें बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हुए हैं. ऐसे में उनसे जुड़े बच्चे भी चपेट में आए हैं.

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हालांकि, जिले में तीसरी लहर जैसी स्थिति अभी नहीं है. प्रशासन और चिकित्सा विभाग अलर्ट पर हैं. अस्पतालों में ओपीडी से लेकर भर्ती को लेकर इंतजाम दुरुस्त किए जा रहे हैं. विभाग का सबसे ज्यादा फोकस सहरिया क्षेत्र पर है. यहां पर सहरिया समाज के बच्चे कुपोषण की चपेट में हैं. बच्चों को पोषक आहार सहित चिकित्सा के इंतजाम सीएचसी स्तर पर किए जाएंगे.

वहीं, सीएमएचओ डा.संपत राज नागर का कहना है कि विभाग ने अस्पताल में इंतजाम किए हैं. जिले में चिकित्सा विभाग की ओर से पूरी सतर्कता बरती जा रही है. दो माह में कोरोना पॉजिटिव के एक हजार से अधिक मामलें सामने आए हैं. परिजनों के साथ बच्चें भी संक्रमित हुऐ हैं. लेकिन गंभीर हालत किसी की नहीं रही है. तीसरी लहर में बच्चों पर अधिक प्रकोप का संभावनाओं के चलते इसके लिए इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि बच्चे सुरक्षित रहें. एहतियात बरतने के लिए अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है. अस्पतालों में ओपीडी से लेकर भर्ती को लेकर इंतजाम दुरुस्त किए जा रहे हैं. पीएचसी पर बच्चों को भर्ती करने के लिए बेड की व्यवस्था की जा रही है.

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इधर, जिला कलेक्टर राजेंद्र विजय का कहना है कि बच्चों में खांसी, जुकाम, बुखार आदि की शिकायत होती है तो तुरंत डॉक्टर के पास पहुंचकर परामर्श प्राप्त करें. चिकित्सा विभाग का सबसे ज्यादा फोकस सहरिया क्षेत्र पर है. यहां पर सहरिया समाज के बच्चे कुपोषण की चपेट में हैं. बच्चों को पोषक आहार सहित चिकित्सा के इंतजाम सीएचसी स्तर पर किए जाएंगे. तीसरी लहर से निभटनें के लिए प्रशासन पूरी तरह से अर्लट पर है.

(इनपुट-राम मेहता)