बदलने वाले हैं Mukundra Tiger Reserve Sanctuary के दिन, पर्यटन को मिलेंगे नए पंख

मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के डेवलपमेंट को लेकर के प्रयास तेज हो गए हैं.

बदलने वाले हैं Mukundra Tiger Reserve Sanctuary के दिन, पर्यटन को मिलेंगे नए पंख
मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के डेवलपमेंट को लेकर के प्रयास तेज हो गए हैं.

Kota: मुकुंदरा टाइगर रिजर्व सेंचुरी (Mukundra Tiger Reserve Sanctuary) में अब जल्द बढ़ सकती है. बाघों की तादाद के साथ चीते भी बसाने को लेकर के बातचीत आगे बढ़ गई है. मुकुंदरा टाइगर रिजर्व सेंचुरी के दिन बदलने वाले हैं और हाड़ौती में पर्यटन को इसके साथ पंख लगेंगे.

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मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के डेवलपमेंट को लेकर के प्रयास तेज हो गए हैं. मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के दिन लगता है कि अब बदलने वाले हैं. इसको लेकर के प्रदेश के वन मंत्री सुखराम बिश्नोई (Sukhram Bishnoi) और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) के बीच अहम बैठक हुई इस दौरान सांसद विधायक भरत सिंह भी मौजूद रहे. 

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इस दौरान मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघों के साथ सीटों की बसावट और प्रदेश के चौथे टाइगर रिजर्व रामगढ़ के विकास समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई. बिरला ने कहा कि मुकुंदरा में बाघ ही नहीं, चीते भी बचाने के प्रयास किए जाएंगे. इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के विशेषज्ञों ने कोटा के जंगलों में चीते बसाने के लिए श्रेष्ठ बताया था. 

क्या बोले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 
इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने वन मंत्री से कहा कि चीता और बाघ दोनों हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए. यहां जंगल और जल दोनों हैं यहां जंगल के साथ पर्यटन वाटर सफारी भी कर सकेंगे. कोटा के साथ बूंदी भी पर्यटकों को आकर्षित करती है. जंगल से ही पर्यटक आएंगे और जंगल से ही रोजगार मिलेगा. 

क्रियान्विति के आदेश भी जारी कर दिए
वन और पर्यटन विकास को लेकर मील का पत्थर कहे जाने वाले महत्वपूर्ण फैसले इस बैठक में हुए बिरला ने लंबे समय से अटके चीता लाने के प्रस्ताव को लेकर तुरंत एनटीसीए सचिव से बात करके वन मंत्री की भी उनसे बात कराई और कोटा में चीता को बसाने पर केंद्रीय-राज्य की एजेन्सियों में हाथों-हाथ सैद्धांतिक सहमति भी बन गई. यही नहीं, हाड़ौती में पर्यटन सर्किट विकसित करने और रणथंभौर से लाकर कोटा में नए टाइगर बसाने पर और कोटा में स्मृति वन के विकास को लेकर भी तीनों नेताओं की मौजूदगी में वन अधिकारियों से बात होकर तुरंत फैसले लिये गये और क्रियान्विति के आदेश भी जारी कर दिये गये.  

ऐसे में कहा जा सकता है कि मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में बाघ और चीतों को बसाने की उम्मीद जल्द साकार होती नजर आती है, ऐसे में हाड़ौती के पर्यटन को पंख लग अर्थव्यवस्था को मजबूती और रोजगार की उम्मीदें भी जगती हुई नजर आती है.