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Jhalawar News : झालावाड़ में किसानों के महापड़ाव का आज दूसरा दिन है. अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में किसान धरने पर बैठे हैं. कल शाम प्रशासन के साथ हुई दो वार्ताएं विफल हो चुकी हैं. किसान प्रतिनिधियों ने अब मंत्री या सचिव को बुलाने की मांग रखी है.
कल देर शाम भी किसान सड़कों पर ही सोए और वहीं दाली बाटी बनाकर खाया. इस बार किसान आर या पार की लड़ाई के मूड में दिख रहे हैं. प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी किसान उठने को तैयार नहीं हैं.
क्या है किसानों की मांग
किसानों की कई मांगे है जिसमें बिजली के निजीकरण, कृषि क्षेत्र में जीएसटी समाप्ती, लाभकारी मूल्य, किसान कल्याण कोष और सहकारी समितियों की गड़बड़ियों की जांच शामिल है. साथ ही कृषि उपकरणों की उपलब्धता, खाद बीच की पर्याप्त व्यवस्था, अवैध वसूली और मंडियों में सुरक्षा गार्ड और सीसीटीवी कैमरे की मांग भी है.
अब बेनतीजा रही किसान महापड़ाव पर है कल की समझाइश की कोशिश विफल हो चुकी है. कल मिनी सचिवालय के बाहर सड़क को ही किसानों ने अपना घर बना लिया था और सड़क पर दाल बाटी का आनंद लिया था. साथ भजन कीर्तन का दौर भी जारी रहा. रात खुले आसमान के नीचे ट्रैक्टरों पर गुजारने के बाद भी किसानों के चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखी.
किसान अपनी 51 सूत्रीय मांगों के लेकर धरने पर डटे हुए हैं. बताया जा रहा है कि अगर बात नहीं बनी तो 16 और जिलों के किसान धरना का हिस्सा बन सकते हैं. ऐसे में धरनास्थल पर प्रशासन की तरफ से पूरे इंतजाम किए जा चुके हैं. जिसमें एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और जनसुविधा का भी इंतजाम किया गया है.
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