एंबुलेंस नहीं मिली तो मां के शव को ठेले पर लादकर श्‍मशान पहुंचे बेटे, रो पड़े देखने वाले

PPE किट पहने दोनों बेटों द्वारा ठेले पर अपनी मां के शव को ले जाने की सोशल मीडिया पर आई तस्वीरों ने हर किसी के दिल को झकझोर दिया. 

एंबुलेंस नहीं मिली तो मां के शव को ठेले पर लादकर श्‍मशान पहुंचे बेटे, रो पड़े देखने वाले
बेटे ने पड़ोस‍ियों से मदद मांगी, लेकिन कोई भी मदद के लिए तैयार नहीं हुआ.

Jhalawar: जिले में कोरोना संक्रमण (Corona infection) लगातार अपने पैर पसार रहा है. बीते 24 घंटे में 596 नए कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आये हैं. अभी तक 115 लोगों की कोरोना से मौत (Death) हो चुकी है. 

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संक्रमण के इस दौर में मानवीय संवेदनाओं को हिला देने वाली तस्वीरें भी सामने आ रही हैं. ऐसी एक तस्वीर उस समय सामने आई, जब दो मजबूर बेटे अपनी मां के शव को ठेले में डालकर अंतिम संस्कार के लिए ले जाते नजर आए लेकिन कोरोना आपदा में किसी ने मदद के लिए हाथ तक नहीं बढ़ाया तो वहीं, एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं करवाने पर प्रशासनिक लापरवाही भी खुलकर सामने आ गई.

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प्रदेश में कोरोना वायरस लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है. झालावाड़ जिले कई शहरों एवं गांवों में भी हालात बेकाबू हो गए हैं. रोजाना नए केस सामने आ रहे तो वहीं, मौतों का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है. स्‍थि‍ति इतनी भयावह हो गई है, कि शमशान घाट पर चिताओं को जलाने के लिए जगह नहीं बच रही है. 

अस्पताल से मृतका के दोनों बेटों के लिए दो PPE किट भेज दिए
ऐसे हालातों के बीच सुनेल कस्बे से मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली घटना उस समय सामने आई, जब शनिवार को कोरोना संक्रम‍ित 55 साल की महिला अपर्णा की इलाज के अभाव में मौत हो गई. सूचना देने के बावजूद स्‍वास्‍थ्‍य व‍िभाग की टीम नहीं पहुंची और अस्पताल से मृतका के दोनों बेटों के लिए दो PPE किट भेज दिए. 

पड़ोसियों ने मदद तक नहीं की
बेटे ने पड़ोस‍ियों से मदद मांगी, लेकिन कोई भी मदद के लिए तैयार नहीं हुआ. प्रशासन को सूचना देने के बावजूद एंबुलेंस तक नहीं पहुंची. आखि‍रकार मृतका के दोनों बेटों ने PPE किट पहनकर मां के शव को अकेले ही कफन में लपेटा और ठेले पर लादकर श्‍मशाम घाट पहुंचे और अपनी मां का अंत‍िम संस्‍कार क‍िया.

फट सा गया हर किसी का कलेजा पर मदद न कर सके
PPE किट पहने दोनों बेटों द्वारा ठेले पर अपनी मां के शव को ले जाने की सोशल मीडिया पर आई तस्वीरों ने हर किसी के दिल को झकझोर दिया. क्या महामारी के दौर में मानवीय संवेदनाएं भी खत्म हो गई हैं. प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग चाहे अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ ले, लेकिन तस्वीरें झूठ नहीं बोलती.

क्या कहना है जिला कलेक्टर हरिमोहन मीणा का
पूरे मामले में जिला कलेक्टर हरिमोहन मीणा (Harimohan Meena) ने बताया कि मृतका को उनके परिजन सुनेल के कोविड केयर सेंटर से अपने घर लाए थे, जहां महिला की मौत हो गयी. सूचना के समय एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी. शमशान घाट पास ही था और परिजन खुद ही उसे अंतिम संस्कार के लिए ले गए. फिर भी यदि किसी की लापरवाही है, तो अवश्य कार्रवाई की जाएगी.

Reporter- Mahesh Parihar