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Kota News: कोटा शहर में एक अनोखा आस्था का दरबार लगता है. जहां पर भक्त अपनी मनोकामना लेकर पहुंचते हैं और अपने अधूरे अटके कार्य पूर्ण करते दिखाई देते हैं. महीने में एक बार लगता है विशेष दरबार. साथ ही दोनों नवरात्रि की पंचमी पर लगता है जनभावना एवं आस्था का सैलाब.
विगत 5 वर्षों से कोटा के न्यू साबरमती कॉलोनी गली नंबर 4, गुमानपुरा के पास कोटा राजस्थान में काल भैरव धाम पर ठाकर बाबा कोटा दरबार का आयोजन हो रहा है. रात भर भक्तों की समस्या सुनना एवं समाधान का दौर चलता रहता है. मनोकामना पूर्ण होने पर भक्तों द्वारा बाबा का आशीर्वाद लेना एवं श्रद्धानुसार दान पुण्य भी किया जाता है.
सभी की समस्याओं का समाधान दरबार में होता
विज्ञान एवं आधुनिक तकनीक के इस दौर में कैंसर से लेकर टीबी जैसी अन्य बीमारियों का इलाज संभव है तो वहीं दूसरी ओर डॉक्टर जवाब देने के बावजूद दरबार में भक्तों की अनेक बीमारियों का इलाज होता है. साथ ही पारिवारिक क्लेश, तंत्र विद्या, बाहरी हवा एवं कोट कचहरी पुलिस से जुड़ी समस्या को लेकर भक्त दरबार में समाधान हेतु पहुंचते हैं. भक्तों का कहना सभी की समस्याओं का समाधान दरबार में होता है.
विशेष दरबार में भक्तों का तांता लगा रहा
नवरात्रि की पंचमी की रात को लगे विशेष दरबार में भक्तों का तांता लगा रहा. दिल्ली मुंबई जैसे महानगरों से भक्त अपनी समस्या लेकर पहुंचे. भक्तों द्वारा काल भैरव बाबा का माला मिठाई एवं छत्र के साथ स्वागत किया. भक्तों ने आशीर्वाद लिया, कई माताओं को बाबा ने संतान प्राप्ति को लेकर झोली में नारियल थमाए साथ ही पूर्व में जिन माताओं को पुत्र प्राप्ति हुई उन्होंने बाबा के दरबार में हाजरी लगाकर बच्चे को आशीर्वाद दिलाया. काल भैरव बाबा के बाद ठाकर साहब का शरीर में प्रवेश हुआ जिन्होंने मौके पर पहुंचे भक्तों की समस्या सुनी एवं उचित समाधान बताए.
भक्तों का आने का सिलसिला जारी
विज्ञान और तकनीक के युग में लोगों की आस्था कहीं ना कहीं प्रश्न चिन्ह लगाती हुई नजर आ रही है 5 वर्षों से लगातार बाबा के दरबार में भक्तों का आने का सिलसिला जारी है. आधुनिक युग में अंधविश्वास लोगों में कितना हावी है इसकी एक तस्वीर कोटा में भी देखी जा सकती है,, भक्तों का दावा है कि बाबा की शरण में जो कोई आता है उसकी मनोकामना पूर्ण होती है. कैसे एक सीधे-साधे दिखने वाले युवा में अचानक परिवर्तन होता है और वह लोगों की पीड़ा हर ने का दावा करता है.
यह चमत्कार है या अंधविश्वास परंतु हर महीने कोटा के न्यू कॉलोनी साबरमती में बाबा का दिव्य दरबार लगता है और भक्तों का आने का सिलसिला शाम 5:00 बजे से ही चालू हो जाता है यह दिव्या दरबार पूरी रात चलता है जी मीडिया भक्तों के इस अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देता परंतु आधुनिक व तकनीक के युग में यह कैसे संभव हो सकता है.
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