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Kota News: भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राकेश नायक की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने कोटा कलेक्ट्री पहुंचकर स्मार्ट सिटी में स्ट्रीट्स डॉग्स को पकड़ने की प्रभावी कार्रवाई और नसबंदी करके स्थाई शेल्टर होम में रखने की मांग को लेकर एडीएम सिटी अनिल सिंघल से ज्ञापन के द्वारा मांग रखी.
नायक ने बताया कि स्मार्ट सिटी कोटा शहर में स्ट्रीट्स डॉग्स द्वारा बुजुर्गो, महिलाओं और बच्चों को काटने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे जानलेवा रेबीज बीमारी का खतरा भी बढ़ रहा है.
नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 249 के अनुसार शहर को आवारा श्वानों से मुक्त करवाने की जिम्मेदारी नगर निकाय की होती है लेकिन नगर निगम से इस कार्य हेतु अनुबंधित फर्म कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं करके महज लीपापोती कर रही है.
हालांकि पशु क्रूरता अधिकतम 1960 के अंतर्गत पकड़े गए स्ट्रीट डॉग्स की सिर्फ नसबंदी करके वापस उसी स्थान पर छोड़ना होता है, जिससे स्ट्रीट्स डॉग्स की समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो पाता है.
भाजपा नेता घनश्याम ओझा और भगवान स्वरूप मोरवाल ने बताया कि हाल ही में समाचार पत्रों के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में स्ट्रीट्स डॉग्स की नसबंदी कर स्थाई रूप से शेल्टर होम में रखने के आदेश दिए.
भारतीय संविधान के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के फैसले कानून का रूप ले लेते है इसलिए उस फैसले की अनुपालन में दिल्ली और एनसीआर की तर्ज पर कोटा शहर में भी स्ट्रीट्स डॉग्स को पकड़ने की प्रभावी कार्य योजना बनाकर उनकी नसंबंदी करके स्थाई रूप से सरकारी शेल्टर होम में रखा जाए, जिससे स्ट्रीट्स का जीवन भी प्रभावित नहीं होगा. साथ ही नागरिकों को भी स्ट्रीट्स डॉग्स द्वारा काटने आदि समस्याओं से निजात मिलेगी.
भाजपा नेता रमेश राठौड़ और समाजसेवी नरेंद्र नायक मानपुरा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वागत योग्य है और सभी स्ट्रीट डॉग्स लवर को इसका विरोध करने के बजाय डॉग्स को शेल्टर होम में रखवाने और अच्छी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास करने चाहिए.
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