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ZEE Exclusive: कोटा मेडिकल कॉलेज में दवा खरीद के नाम पर हो रहा है घोटाला!

पड़ताल के दौरान 21 फरवरी को खोले गए टेंडर की कॉपी और पिछले साल के वर्क ऑडर की कॉपी जी मीडिया के हाथ लग गई

ZEE Exclusive: कोटा मेडिकल कॉलेज में दवा खरीद के नाम पर हो रहा है घोटाला!
कोटा मेडिकल कॉलेज में दवा खरीद में नया घालमेल सामने आ रहा है (फाइल फोटो)

कोटा (मुकेश सोनी): कोटा मेडिकल कॉलेज में दवा खरीद में नया घालमेल सामने आ रहा है. नए टेंडर के मुताबिक अस्पताल प्रबंधन दोगुने दामों में दवाओं की खरीद की तैयारी में है. 5 जनवरी को हुए टेंडर में 5 फर्मों ने कई दवाओं के दोगुने दाम दिए हैं. जिसके चलते सरकार को सालाना 3 करोड़ घाटा लगना तय है. हालांकि अभी फर्मों को वर्क ऑर्डर जारी नहीं हुए हैं. लेकिन पड़ताल के दौरान 21 फरवरी को खोले गए टेंडर की कॉपी और पिछले साल के वर्क ऑडर की कॉपी जी मीडिया के हाथ लग गई. जिसमें कई दवाओं के दाम दोगुने से भी ज्यादा बढ़े नजर आ रहे हैं.

इन दवाओं के साल भर में बढ़ गए दोगुना दाम
नए टेंडर के मुताबिक एसाइक्लोवीर स्किन क्रीम की कीमत 25 रुपये दी गई है. जबकि पिछले टेंडर में सिर्फ 9.79 रुपये में इसकी खरीद हुई थी. इसी तरह एमिकासीन एंटीबायटिक इंजेक्शन (100, 250, 500 एमजी) 9 रुपये 89 पैसे के बजाय 19 रुपये और गुल्यूकोनेट केल्शियम इंजेक्शन (10एमएल) 2 रुपये 78 पैसे से बढ़कर 6 रुपये का हो गया है. वहीं डेंटल जेल की कीमत 7 रुपये 98 पैसे से बढ़ाकर 28.70 रुपये लिखी गई है. जबकि सेफीकाजिम एंटीबायटिक (200 एमजी) की खरीद अब 235 रुपये के बजाय 290 रुपये में होगी। नई शर्तों के अनुसार ये टेंडर तीन साल के लिए हो रहे हैं जिनमे 1205 दवाओं के लिए सालाना 11 करोड़ की दवा की खरीद होगी.

मेडिकल कॉलेड पर लगा था चहेती फर्मों को लाभ पहुंचाने का आरोप
आपको बता दें कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इस साल टेंडर शर्तों में भी बदलाव किया था. सालाना टर्न ऑवर में की गई बढ़ोत्तरी से कई फर्में टेंडर प्रकिया से पहले ही बाहर हो चुकी थीं. इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर चहेती फर्मों को लाभ पहुंचाने के आरोप लगे थे. लेकिन, मामला बिगड़ता देख मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने फिर से शर्तों में बदलाव किया था.

प्रिंसिपल ने की जांच की बात
जी मीडिया से बातचीत में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. गिरीश वर्मा ने कहा है कि अगर ऐसा कोई मामला है तो मामले की जांच कराई जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी.