Kota: 6 साल पहले नाबालिग लड़की को बिहार से गया था खरीदा, घर में बंद करके करते थे अत्याचार

बालिका ने चाइल्डलाइन के सदस्यों को आपबीती सुनाते हुए कहा कि उससे इस घर में मारपीट की जाती थी और घरेलू काम करवाया जाता था. 

Kota: 6 साल पहले नाबालिग लड़की को बिहार से गया था खरीदा, घर में बंद करके करते थे अत्याचार
प्रतीकात्मक तस्वीर.

Kota: राजस्थान के कोटा (Kota News) में एक नाबालिग लड़की को घर में रखकर घरेलू काम करवाया गया और उसके साथ मारपीट की गई. उसके हाथ गर्म पानी में डाल दिए गए और कई बार गर्म चाकू से बालिका के शरीर को दागा गया. रेस्क्यू के बाद नाबालिग ने आपबीती चाइल्ड लाइन को बताई. चाइल्डलाइन (Childline) ने बिजली विभाग के ऐनी के घर से बाल मजदूरी कर रही नाबालिग लड़की दस्तयाब कर रेस्क्यू किया. 

बालिका को मिल रही यातनाओं की आपबीती सुनकर चाइल्डलाइन और बाल कल्याण समिति (Child Welfare Committee) भी दंग रह गई. दरअसल कोटा में पूनम कॉलोनी में इलाके के लोगों की सूचना पर चाइल्डलाइन और बाल कल्याण समिति ने एक मकान पर दबिश दी, जहां से बालिका को दस्तयाब किया गया. चाइल्ड लाइन के सदस्यों ने बताया कि बालिका बिहार की रहने वाली बताई गई है. बालिका पूनम कॉलोनी की गली नंबर 16 में बिजली इंजीनियर रूपेश के घर पर बालश्रम कर रही थी. फिलहाल बालिका को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया है और नांता बालिका गृह (Nanta Girls Home) में अस्थाई आश्रय दिलवाया गया है. 

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बालिका ने चाइल्डलाइन के सदस्यों को आपबीती सुनाते हुए कहा कि उससे इस घर में मारपीट की जाती थी और घरेलू काम करवाया जाता था. बालिका के हाथों पर हो रहे जख्मों के बारे में पूछा गया तो बालिका ने चाइल्डलाइन के सदस्यों को बताया कि उसके हाथ गर्म पानी में डाल दिए गए, जिसके कारण उसकी यह हालत हुई. 

बालिका ने चाइल्डलाइन को यह भी बताया कि घर के सदस्यों द्वारा गर्म चाकू से भी दागा गया और मारपीट भी की गई. बालिका अब इस घर में नहीं रहना चाहती वह अपने परिवार के पास जाना चाहती है. चाइल्डलाइन के मुताबिक बालिका को बिहार से खरीद कर लाया गया था.