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Baran News: बारां शहर की निवासी एक रिटायर्ड शिक्षिका से ट्रेजरी ऑफिसर बनकर 5 लाख 7 हजार रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में पुलिस ने भीलवाड़ा से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में पुलिस ने पीड़िता को 2.30 लाख रुपये वापस दिलवाने में सफलता हासिल की है. एसपी अभिषेक अंदासु ने बताया कि 20 दिसंबर 2024 को फरियादिया नाकोड़ा कॉलोनी निवासी रिटायर्ड अध्यापिका अयोध्या गौतम साइबर पुलिस थाना बारां में रिपोर्ट दी थी, जिसमें बताया कि 19 दिसंबर को उनके मोबाइल पर कॉल आया.
आरोपी ने स्वयं को ट्रेजरी ऑफिसर बताते हुए कहा कि पीपीओ नंबर का सत्यापन नहीं हुआ है. जिससे पेंशन रुक सकती है. वाट्सएप पर एक फार्म लिंक भेजकर बैंक व अन्य जानकारी भेजने के लिए कहा. इसके बाद एटीएम में जाकर बैलेंस देखने को कहा. बैंक खाते में पूरे पैसे थे. बाद में बैंक खाते से 5 लाख 7 हजार 500 रुपए कटने का मैसेज आया.
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. जांच के दौरान फरियादी के बैंक खाते
एवं आरोपियों के बैंक खातो की डिटेल प्राप्त की. कार्रवाई करते हुए फरियादिया से ठगी गई राशि संदिग्ध बैंक खातो में होल्ड करवाई. ठगी गई राशि में से न्यायालय के माध्यम से 2 लाख 30 हजार रुपए फरियादिया को वापस दिलवाए. तकनीकी साक्ष्य के आधार पर फरियादिया से ठगी गई राशि भीलवाड़ा जिले के लखमनियावास निवासी देवेंद्र सिंह राजपूत और बन का खेडा निवासी कमलेश शर्मा के बैंक खातो में जमा होना पाया.
दोनों आरोपियों से पूछताछ की तो दोनों ने 15-15 हजार रुपए में अपने बैंक खाते व मोबाइल सिम साइबर ठगी में प्रयोग के लिए किराए पर देना बताया. मामले में बैंक खाते खरीदने व फरियादी से ठगी गई शेष राशि के संबंध में दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है.
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