प्रशासन और पुलिस में सामंजस्य की कमी, कौन जारी करेगा कंटेनमेंट जोन के आदेश अभी तय नहीं?

कोरोना संक्रमण (Coronavirus) की बुरी तरह चपेट में आए जयपुर में अब जिला प्रशासन को कड़े कदम उठाने की जरूरत है. 

प्रशासन और पुलिस में सामंजस्य की कमी, कौन जारी करेगा कंटेनमेंट जोन के आदेश अभी तय नहीं?
फाइल फोटो

जयपुर: कोरोना संक्रमण (Coronavirus) की बुरी तरह चपेट में आए जयपुर में अब जिला प्रशासन को कड़े कदम उठाने की जरूरत है. कोरोना को काबू करने के लिए सरकार ने जन आंदोलन शुरू करने की तैयारी की है. जयपुर शहर में जिन इलाकों में कोरोना की स्थिति गंभीर है. वहां पर सख्ती के साथ पूरी तरह लॉकडाउन (Lockdown) लगाया जाए इस पर मंथन हुआ, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि कंटेनमेंट जोन के आदेश कौन जारी करेगा. क्योंकि जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिला प्रशासन और पुलिस के बीच आपसी समन्वय में की कमी दिखी. कलेक्टर ने बैठक में पुलिस अधिकारियों को कहा कि इंसीडेंट कमांडर अभी चुनाव में व्यस्त हैं इसलिए अभी पुलिस लीड करे. इस पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह काम जिला प्रशासन और चिकित्सा महकमे का है. हमें कंटेनमेंट जोन की सूची मिलने के बाद हम लॉकडाउन की पालना करवाएंगे. शहर के 15 इंसीडेंट कमांडर, पुलिस और मेडिकल जोन की रिपोर्ट मंगवाई गई है. इसमें कोरोना की पॉजिटिविटी रेट, डेथ रेट के आधार पर कंटेनमेंट जोन तय होंगे. 

सरकार के कंटेंनमेंट जोन में लॉकडाउन लगाने के आदेश के पहले दिन जिला प्रशासन ने एक भी कंटेनमेंट जोन घोषित नहीं किया है. राज्य सरकार की ओर से कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन लगाने की गाइडलाइन को लेकर जिला कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा ने जिला प्रशासन, पुलिस और चिकित्सा अधिकारियों की बैठक बुलाई. लेकिन इस बैठक में जिला प्रशासन और पुलिस के बीच आपसी सामंजस्य नहीं होने से यह तय नहीं हो पाया कि कंटेनमेंट जोन घोषित करने के साथ आदेश कौन निकालेगा. इसको लेकर जिला प्रशासन की कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है. बैठक में कलक्टर ने पुलिस अधिकारियों को कहा कि इंसीडेंट कमांडर अभी चुनाव में व्यस्त हैं इसलिए पुलिस अभी लीड करे. और कंटेनमेंट जोन घोषित करके आदेश जारी करें. इस पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह काम जिला प्रशासन और चिकित्सा महकमे का है. और कंटेंनमेंट जोन के आदेश इंसीडेंट कमांडर ही निकाल सकता है. हमें कंटेनमेंट जोन की सूची मिलने के बाद उसमें लॉकडाउन की पालना करवाना हमारा काम है. नेहरा का कहना है की बैठक में तय हुआ कि सीएमएचओ अपने स्तर से संबंधित थाना पुलिस को पॉजिटिव मरीजों की सूची भेजेगा. इसके बाद थाना पुलिस अपने इलाके में बीट कांस्टेबलों की मदद लेकर पॉजिटिव मरीजों के घर जाएगी और उन्हें पाबंद करेगी. वहीं दूसरी ओर चिकित्सा टीम जाकर पॉजिटिव मरीजों के घर पर नोटिस चस्पा करेगी. जो व्यक्ति पॉजिटिव आया है उसी ही घर को केवल पाबंद किया जाएगा . एक गली में 5 से ज्यादा लोग आने पर उसे पूरी गली को ब्लॉक करने के निर्देश दिए हैं. उस क्षेत्र की व्यवसाय की गतिविधियों को भी बंद कर दिया जाएगा . सरकार के अनुसार कंटेनमेंट जोन या पूर्ण लॉकडाउन का नुकसान गरीबों को और आम नागरिकों को झेलना पड़ता है. इसी वजह से वह पूर्णता लॉकडाउन के पक्ष में नहीं है. 

जयपुर शहर की बात करें तो वर्तमान में आठ हजार कोरोना पॉजिटिव मरीज हैं. इनमें से करीब छह हजार मरीज होम आइसोलेट हैं, तो शेष अस्पताल में भर्ती हैं. ऐसे में नई गाइड लाइन के तहत शहर के आठ हजार घर कंटेनमेंट जोन की जद में आएंगे. ऐसे में घरों से बाहर निलकने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी. थाना पुलिस घरों की निगरानी करेगी. सरकार ने एक दिन पहले ही आदेश निकालकर जिला कलक्टर्स को माइक्रो लेवल पर कंटेनमेंट जोन का निर्धारण करने और इनमें लॉकडाउन की पालना कराने के निर्देश दिए थे. सरकार की गाइड लाइन आने के बाद अब शहर में पॉजिटिव मरीज आने पर संबंधित इलाके का इंसिडेंट कमांडर, थाना पुलिस और मेडिकल टीम इलाके में पहुंचेगी. यहां पर टीम मौका—मुआयना करेगी. मरीजों की संख्या के आधार पर कंटेनमेंट जोन के क्षेत्र का निर्धारण किया जाएगा. एक घर में केस आने पर जहां आस—पास दो घरों को शामिल किया जाएगा.  वहीं अधिक केस आने पर कॉलोनी के गली को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाएगा. 

ये नई गाइडलाइन
कंटेनमेंट जोन में जरूरत के अनुसार सघन संपर्क ट्रैसिंग, घर-घर निगरानी का मैकेनिज्म शुरू होगा.
इस आधार पर पॉजिटिव के संपर्क में आने वालों की पहचान कर उनकी टेस्टिंग होगी. साथ ही अनिवार्य रूप से उनकी मॉनिटरिंग भी होगी.
पॉजिटिव के संपर्क में आने वाले को 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन किया जाएगा.
संपर्क में आने वाले 80 फीसदी लोगों की पहचान 72 घंटे में की जाएगी.
आईटी विभाग कोविड क्वारेंटाइन ट्रैकिंग अलर्ट सिस्टम और मरीज को कॉल करने के लिए 181 सेवा के उपयोग के आदेश जारी किए गए हैं.

कंटेनमेंट जोन में कोई समारोह भी नहीं होंगे.
कंटेनमेंट जोन में जरूरी सेवाओं के अलावा किसी भी तरह की गतिविधियों की अनुमति नहीं रहेगी.
यहां तक शादी या कोई अन्य समारोह आयोजित नहीं किया जा सकेगा.
जयपुर में रात 8 से सुबह 6 बजे तक रात्रि कालीन कर्फ्यू जारी रहेगा.
बाजार-दुकानें शाम 7 बजे बंद करवाना जारी रहेगा. आगामी आदेश तक यह आदेश लागू रहेगा.
लॉकडाउन एरिया में जरूरी सेवा सहित कार्यस्थल पर आने जाने वालों को आई कार्ड दिखाना होगा.

बहरहाल, अब कंटेनमेंट जोन में फिर से लॉकडाउन करने के आदेश जिला प्रशासन और चिकित्सा एवं स्वास्थ विभाग के लिए बड़ी चुनौति बन गए हैं. क्योंकि अभी शहर के सभी क्षेत्रों से संक्रमित सामने आ रहे हैं. ऐसे में कंटेनमेंट जोन किन नियमों के आधार पर चुना जाए ये तय नहीं हो पा रहा है.

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