अधूरी पड़ी है राजस्थान के इतिहास की सबसे बड़ी LDC भर्ती 2018, डेढ़ साल बाद भी नियुक्ति का इंतजार

टाइपिंग और दक्षता परीक्षा परिणाम में करीब 18 हजार चयनित को भर्ती में शामिल किया गया लेकिन अब इन चयनित बेरोजगारों के दस्तावेज सत्यापन का कार्य बड़ी चुनौती बन गया है.

अधूरी पड़ी है राजस्थान के इतिहास की सबसे बड़ी LDC भर्ती 2018, डेढ़ साल बाद भी नियुक्ति का इंतजार
स्टाफ की कमी के चलते बोर्ड अभी तक दस्तावेज सत्यापन का काम शुरू नहीं कर पाया है.

जयपुर: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (Rajasthan Staff Selection Board) की ओर से राजस्थान के इतिहास की सबसे बड़ी भर्ती एलडीसी भर्ती 2018 (LDC Recruitment 2018) की विज्ञप्ति निकले करीब डेढ़ साल का समय होने को आया है लेकिन भर्ती है कि पूरा होने का नाम ही नहीं ले रही है.

करीब 13 हजार पदों पर निकाली गई इस भर्ती की प्रक्रिया टाइपिंग टेस्ट और उसके परिणाम तक पहुंच चुकी है लेकिन अब 18 हजार चयनित बेरोजगारों के दस्तावेज सत्यापन बोर्ड के सामने एक बड़ी समस्या बन गए हैं.
राजस्थान के इतिहास में कनिष्ठ सहायक के 13 हजार पदों पर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से 18 अप्रैल 2018 को भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया, जिसमें करीब 13 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे. इसके बाद अगस्त और सितंबर में चार चरणों में हुई इस परीक्षा में करीब 8 लाख बेरोजगारों ने अपना भाग्य आजमाया था. 

दस्तावेज सत्यापन बना बड़ी चुनौती
परीक्षा के बाद करीब 6 महीने के लंबे इंतजार के बाद 7 मार्च 2019 को प्रथम चरण का परिणाम जारी किया गया, जिसमें 36 हजार अभ्यर्थी पास हुए. परिणाम के 6 महीने बाद 3 से 6 सितंबर 2019 तक टाइपिंग और दक्षता परीक्षा आयोजित हुई, जिसका परिणाम 25 अक्टूबर को जारी किया गया. इसमें 18 हजार अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए सफल घोषित किया गया लेकिन इस परिणाम को भी एक महीने का समय बीत चुका है. टाइपिंग और दक्षता परीक्षा परिणाम में करीब 18 हजार चयनित को भर्ती में शामिल किया गया लेकिन अब इन चयनित बेरोजगारों के दस्तावेज सत्यापन का कार्य बड़ी चुनौती बन गया है.

स्टाफ की कमी का दिया गया हवाला
अगर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के स्टाफ की बात की जाए तो स्टाफ की कमी के चलते बोर्ड अभी तक दस्तावेज सत्यापन का काम शुरू नहीं कर पाया है और अगर बोर्ड की ओर से दस्तावेज सत्यापन का काम किया जाता है तो करीब इसमें 5 महीने का समय लगने का अनुमान है. ऐसे में अब बोर्ड दस्तावेज सत्यापन का काम शिक्षा विभाग के पाले में डालते हुए नजर आ रहा है, जिसके लिए प्रशासनिक सुधार विभाग को पत्राचार भी कर दिया गया है. इस पत्राचार पर नवंबर के अंतिम सप्ताह में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मीटिंग होनी है.

18 हजार लोगों को नियुक्ति का इंतजार
एलडीसी भर्ती में चयनित बेरोजगार सुनील विश्नोई का कहना है कि बोर्ड की ओर से एलडीसी की भर्ती को अनावश्यक रूप से लंबा खींचा जा रहा है. पहले जहां परीक्षा और परिणाम और उसके बाद टाइपिंग और दक्षता परीक्षा में 6-6 महीने का अंतर रखा गया तो वहीं एक महीने बीत जाने के बाद भी बोर्ड ने दस्तावेज सत्यापन का कलैंडर जारी नहीं किया. ऐसे में बोर्ड हमेशा स्टाफ की कमी का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ रहा है जबकि प्रदेश के करीब 18  हजार बेरोजगार नियुक्ति की आस लगाए बैठे हैं.

बहरहाल, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में स्टाफ की कमी कोई नया बहाना नहीं है लेकिन 18 हजार चयनितों के दस्तावेज सत्यापन का कार्य बोर्ड के लिए बड़ी चुनौती है. ऐसे में राजस्थान के चयनित बेरोजगार भी चाहते हैं कि अगर दस्तावेज सत्यापन का कार्य शिक्षा विभाग की ओर से होता है तो होली तक चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति की उम्मीद रहेगी.