जयपुर: घुट रहा है बगरू कृषि उपज मंडी का दम, फसलों की आवक हुई कम

1974 में जयपुर अनाज मंडी के अधीन ग्रामीण क्षेत्र के किसानों की सुविधा के किए बगरू कृषि उपज गौण मंडी की स्थापना की गई थी. करीब 12 बीघा क्षेत्रफल में बनी गौण मंडी अब आबादी और उपज की आवक के लिहाज से बहुत छोटी पड़ने लगी है. 

जयपुर: घुट रहा है बगरू कृषि उपज मंडी का दम, फसलों की आवक हुई कम
मूंगफली की आवक के समय हालात बेहद परेशानियां खड़ी करने वाले होते हैं.

अमित यादव, जयपुर: राजधानी से करीब 30 किलोमीटर दूर जयपुर-अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बगरू कस्बे में करीब 45 साल पहले किसानों, व्यापारियों और आम लोगों की सुविधा के लिए कृषि उपज मंडी की स्थापना की गई थी. करीब साढ़े चार दशक तक लाखों लोगों के भरण-पोषण का जरिया रही कृषि उपज मंडी का अब दम घुटने लगा है.

जानकारी के अनुसार, 1974 में जयपुर अनाज मंडी के अधीन ग्रामीण क्षेत्र के किसानों की सुविधा के किए बगरू कृषि उपज गौण मंडी की स्थापना की गई थी. करीब 12 बीघा क्षेत्रफल में बनी गौण मंडी अब आबादी और उपज की आवक के लिहाज से बहुत छोटी पड़ने लगी है. मंडी में हर किस्म की फसल का व्यापार होता है. सरकार को भी भारी राजस्व की प्राप्ति हो रही है लेकिन खरीफ की फसल की आवक, जिसमें विशेषकर मूंगफली की आवक के समय हालात बेहद परेशानियां खड़ी करने वाले होते हैं.

बगरू अनाज मंडी में सबसे ज्यादा समस्या अक्टूबर से लेकर जनवरी तक आती है. जब किसान मूंगफली की फसल लेकर मंडी में आना शुरू होता है. स्थानीय व्यापारी ओम प्रकाश ताम्बी के अनुसार, सैकड़ों वाहनों की लंबी कतार लग जाती है और मजबूरी में व्यापारियों को मंडी के बाहर जाकर ही उपज की खरीद करनी पड़ जाती है. ऐसा नहीं है कि इस मंडी में सिर्फ बगरू के आसपास का किसान ही अपनी फसल बेचने आता है. यहां जयपुर जिले के आलावा नौगोर, अजमेर, जोधपुर, टोंक, सीकर तक का किसान यहां मूगफली बेचने आते है हालांकि जगह की समस्या पिछले 10-12 साल से ही हुई है. बढ़ते व्यापार और बढ़ती उपज के साथ मंडी को बाहर ले जाकर स्थापित करने की मांग उठाने लगी है.

जानकारी के अनुसार, इस मंडी के व्यापारियों और किसानों की एक बड़ी तकलीफ यह भी है कि यहां मंडी का कोई बड़े अधिकारी यहां नियमित रूप से नहीं बैठते है, जिसके चलते समय पर समस्याओं का समाधान नहीं पाता है. मंडी में कार्यरत एकमात्र वरिष्ठ लिपिक मालीराम अपने स्तर पर ही समस्याओं के समाधान करने का प्रयास करते हैं. मालीराम के अनुसार, इस मंडी को अन्य जगह स्थानान्तरित करने की आवश्यकता है.

Laxmi Upadhyay, News Desk