4 हजार रुपये में जान जोखिम में डालकर 8 फीट गहरी नहर में उतरकर पाइप को साफ करता है ये शख्स

मात्र चार हजार रुपयों के लिए जलदाय विभाग का एक कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डाल कर कार्य करता है जोखिम भी इतना कि कभी भी उसकी जान जा सकती है. 

4 हजार रुपये में जान जोखिम में डालकर  8 फीट गहरी नहर में उतरकर पाइप को साफ करता है ये शख्स
4 हजार रुपये में जान जोखिम में डालता है ये शख्स

श्रीगंगानगर: मात्र चार हजार रुपयों के लिए जलदाय विभाग का एक कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डाल कर कार्य करता है जोखिम भी इतना कि कभी भी उसकी जान जा सकती है. गांव 31 एमएल में नहर से खेतों की सिंचाई के लिए पानी लाने के लिए पाइप लगाया गया है. जिसमें अक्सर मिट्टी और केली से ये पाइप ब्लाक हो जाता है. इसीलिए लक्ष्मण नामक शख्स को रस्सी के सहारे नहर में उतर कर पाइप को साफ करना पड़ता है जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है लेकिन कोई प्रशासनिक अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा.
लक्ष्मण सिंह ने बताया की अक्सर पाइप में मिट्टी और केली फंस जाती हैं जिससे पाइप जाम हो जाता है. पाइप के ब्लाक को खोलने के लिए उसे नहर में उतरना पड़ता है. लक्ष्मण अपनी पीठ पर रस्सी बांध कर नहर में उतरता है. पाइप की सफाई के लिए लक्ष्मण को 8 फीट नहर में उतरना होता है. जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है. दिलचस्प ये है की पिछले 10 साल से इसी तरह पाइप की सफाई की जा रही है. लेकिन आज तक किसी ने इसकी सुध नहीं ली.
पूर्व सरपंच ने बताया की उन्होंने ग्राम पंचायत की और से प्रस्ताव बनाकर एसडीएम को दिया है लेकिन कोई भी सुनवाई को तैयार नहीं है।  उन्होंने कहा की इस पाइप लाइन के लिए दस लाख रुपये खर्च किये गए थे लेकिन पाइप लाइन ब्लाक होने के कगार होने पर है यदि जलदाय विभाग ने ध्यान नहीं दिया तो ये पाइप लाइन पूरी तरह ब्लाक हो जाएगी और दस लाख रुपये की बर्बादी तो होगी ही साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए जो पानी मिल रहा है वो भी नहीं मिल पाएगा. वहीं सरपंच का कहना है की प्रशासन जल्द से जल्द यंहा पर उचित प्रबंध करे