राजस्थान: कांग्रेस संगठन में शामिल होने के लिए लॉबिंग तेज, डोटासरा बोले...

माना जा रहा है कि प्रदेश से लेकर ब्लॉक स्तर तक की कार्यकारिणी के गठन में एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत की पालन किया जाएगा.

राजस्थान: कांग्रेस संगठन में शामिल होने के लिए लॉबिंग तेज, डोटासरा बोले...
ब्लॉक स्तर तक नए सिरे से गठित होने वाली कार्यकारिणी को लेकर कांग्रेसी नेताओं ने लॉबिंग तेज कर दी है.

जयपुर: राजस्थान में पीसीसी (PCC) चीफ के तौर पर गोविंद सिंह डोटासरा के कमान संभालने के बाद से, प्रदेश की नई कार्यकारिणी का इंतजार है. प्रदेश से लेकर ब्लॉक स्तर तक नए सिरे से गठित होने वाली कार्यकारिणी को लेकर कांग्रेसी नेताओं ने लॉबिंग तेज कर दी है.

प्रभारी अजय माकन (Ajay Makan) का इसी सप्ताह जयपुर आने का कार्यक्रम है. जयपुर से लेकर संभाग स्तर पर पार्टी नेताओं कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद ही, नई कार्यकारिणी को अंतिम रूप दिया जाएगा. दरअसल, प्रदेश कांग्रेस के नए अध्यक्ष के तौर पर गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotsara) की नियुक्ति के बाद, प्रदेश में नई कार्यकारिणी को लेकर मंथन चल रहा है.

पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने जल्द अपनी कार्यकारिणी घोषित करने के संकेत दिए हैं. प्रदेश कार्यकारिणी के नामों के साथ-साथ, जिला अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष के नामों को लेकर भी कवायद की जा रही है. पार्टी के मंत्रियों विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की ओर से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से लेकर दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अजय माकन तक, यहां लॉबिंग का सिलसिला शुरू हो गया है.

यहां तक कि अशोक गहलोत (Ashok Gehlot), सचिन पायलट (Sachin Pilot) के नेता भी अपने-अपने नामों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. चर्चा है कि, पीसीसी में दो कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं. हालांकि, इसे लेकर अभी आलाकमान ने कोई रुख साफ नहीं किया है.

माना जा रहा है कि प्रदेश से लेकर ब्लॉक स्तर तक की कार्यकारिणी के गठन में एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत की पालन किया जाएगा. पार्टी में प्रदेश स्तर पर संगठन महासचिव का पद बेहद महत्वपूर्ण है. सचिन पायलट के अध्यक्ष पद के समय यह पद महेश शर्मा के पास था. लेकिन वर्तमान में इस पद को लेकर सबसे अधिक जोड़-तोड़ की जा रही है. इसके अलावा 15 से 20 उपाध्यक्ष महासचिव बनाए जाने हैं और 30 के करीब सचिव के पद, जिन्हें लेकर कोशिशें की जा रही हैं.

प्रदेश में जिला अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष के लिए मंत्रियों और विधायकों की राय बहुत महत्वपूर्ण होगी. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सभी नेताओं से सुझाव मांगे हैं. इसके अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी जिम्मेदारियां दी जानी है. जिलाध्यक्ष के पद के लिए जयपुर में जिला अध्यक्ष का पद बहुत महत्वपूर्ण है.

इस पद के लिए दो वर्तमान विधायकों सहित शहर कांग्रेस के आधा दर्जन नेता दौड़ में शामिल हैं. जयपुर जिला अध्यक्ष के अधीन 8 विधानसभा क्षेत्र आते हैं. जयपुर में होने वाले कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने का जिम्मा भी जिला अध्यक्ष के पास होता है, लिहाजा जयपुर में जनाधार वाले व्यक्ति को ही यह जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है.

प्रदेश से लेकर ब्लॉक स्तर पर बड़ी संख्या में सचिन पायलट कैंप के नेता, इससे पहले की कार्यकारिणी में शामिल रहे थे. अधिकांश नेताओं ने सचिन पायलट के समर्थन में इस्तीफे दे दिए थे. सचिन पायलट कैंप चाहेगा उन सभी नेताओं कार्यकर्ताओं को भी अहम जिम्मेदारी मिले. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, अजय माकन के अलावा पूर्व संगठन प्रभारी अविनाश पांडे और दिल्ली के नेताओं की टीम के लोगों को भी जिम्मेदारी दी जानी है.

जानकारी के अनुसार, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन का इसी सप्ताह राजस्थान आने का कार्यक्रम है.  प्रदेश कांग्रेस प्रभारी गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि, अजय माकन के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है. अजय माकन राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालय का दौरा करेंगे. संभाग मुख्यालय और जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं नेताओं से संवाद करेंगे, उनके सुझाव लेंगे सरकार के कामकाज को लेकर भी फीडबैक लिया जाएगा. कार्यकर्ताओं नेताओं से मिले फीडबैक के आधार पर, तैयार रिपोर्ट से ही प्रदेश की कार्यकारिणी का गठन होगा.

राजस्थान में बतौर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और प्रभारी के तौर पर अजय माकन के लिए राजस्थान के संगठन को नए सिरे से तैयार करना और उसे एक्टिव करना एक बड़ी चुनौती होगी, ताकि आने वाले निकाय चुनाव और उसके बाद 2023 के चुनाव को लेकर जमीन तैयार की जा सके. इस लिहाज से प्रदेश से लेकर ब्लॉक स्तर तक की कार्यकारिणी का गठन कांग्रेस के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है.