जयपुर: निकाय चुनावों के लिए प्रशासन ने कसी कमर, चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर

राजस्थान में 16 नवंबर को 49 नगर निकायों अर्थात नगर पालिका और निगमों में चुनाव होंगे. वहीं 19 नवंबर को चुनावों की मतगणना होगी. 

जयपुर: निकाय चुनावों के लिए प्रशासन ने कसी कमर, चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर
प्रतीकात्मक फोटो.

विष्णु शर्मा, जयपुर: प्रदेश में निकाय चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण कराने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस मुख्यालय ने 49 नगर निकायों में होने वाले इन चुनावों के लिए मतदान से लेकर मतगणना तक व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किए हैं. संवेदनशील जिलों में आरएसी पहुंच चुकी है, वहीं दूसरे जिलों और ट्रेनिंग सेंटरों में पुलिस बल बुधवार तक संबंधित जिलों में पहुंच जाएगा. चुनावों के दौरान कैसी सुरक्षा रहेगी, देखिए एक रिपोर्ट -

राजस्थान में 16 नवंबर को 49 नगर निकायों अर्थात नगर पालिका और निगमों में चुनाव होंगे. वहीं 19 नवंबर को चुनावों की मतगणना होगी. इसके बाद 26 और 27 नवंबर को मेयर, चेयरमैन, वाइस चेयरमैन के चुनाव होंगे. प्रदेश के 24 जिलों में मौजूद इन निकायों में चुनाव के दौरान शांति और निष्पक्षता बनाए रखना पुलिस के लिए चुनौती भरा काम है. 

डीजी कानून व्यवस्था एमएल लाठर ने चुनावों के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षा रणनीति के लिए सभी पुलिस अधीक्षकों, रेंज आईजी सहित अन्य अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं. पोलिंग बूथ से लेकर फील्ड, मतगणना स्थल और प्रत्याशी की सुरक्षा के लिए व्यापक निर्देश दिए गए हैं.

चुनाव के दौरान यूं तैनात रहेगी सुरक्षा
1. पोलिंग बूथ पर तैनातगी: प्रत्येक पोलिंग बूथ पर दो पुलिसकर्मी तैनात होंगे. संवेदनशील बूथ होने पर पांच अतिरिक्त पुलिसकर्मी भी लगाए जाएंगे. पूरे क्षेत्र के कुल बूथ में दस प्रतिशत से ज्यादा संवेदनशील बूथ नहीं होंगे.

2. मोबाइल पार्टी: प्रत्येक क्षेत्र में 1-4 की एक मोबाइल पार्टी होगी, जिसके अधीन दस पोलिंग बूथ होंगे. यह पार्टी मोबाइल मजिस्ट्रेट से संपर्क में रहेगी. मोबाइल मजिस्ट्रेट के आधार पर मोबाइल पार्टी की संख्या बढ़ाई-घटाई जा सकेगी.

3. ईवीएम की सुरक्षा: ईवीएम की सुरक्षा के लिए एक अलग से पुलिस टुकड़ी लगाई जाएगी. यह टुकड़ी मतगणना समाप्ति तक तैनात रहेगी. मतदान केंद्र, संग्रहण संख्या, मतदान गणना केंद्र, काउंटिंग सेंटर की लोकेशन के आधार पर प्रत्येक हरेक निकाय, जिला में इस पुलिस पार्टी के अलग से 2-8 का जाब्ता उपलब्ध कराया जाएगा, जो चुनाव प्रक्रिया तक रहेगा.

4. कम्यूनिकेशन नेटवर्क: मतदान गतिविधियां छोटे और कॉम्पैक्ट क्षेत्रों तक सीमित रहेंगी, ऐसे में वहां संचार नेटवर्क पहले से ही मौजूद है हालांकि विशेष रूप से वरिष्ठ अधिकारियों और रिजर्व दलों के वाहनों में वायरलेस ऑपरेटरों के लिए एक अलग प्रावधान रख सकेंगे.

5.प्रत्याशियों की सुरक्षा: चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को जिन्हें धमकी मिली हुई है, उन्हें सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराया जाएगा. इसके लिए एसपी के सत्यापन के बाद एडीजी इंटेलीजेंस की सहमति जरूरी होगी.

6. रिजर्व पुलिस बल: प्रत्येक निकाय या जिले के लिए अलग रिजर्व पुलिस पार्टी रहेगी. रिजर्व पुलिस पार्टी की साइज पालिका और समस्याओं, स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर रखी जाएगी. 

यह रिजर्व पार्टी वाहन, वायरलैस सेट, दंगा निरोधी उपकरण, अश्रु गैस, रबर गोलियां, मूवी कैमरा, टॉर्च आदि से सुसज्जित होगी. इन्हें विशेष स्थानों पर तैनात किया जाएगा ताकि आपात स्थिति पर बिना समय गंवाए उन्हें आसानी से उपयोग में लिया जा सके.

7. परिवहन की आवश्यकता: चुनाव केवल जिलों के सीमित क्षेत्रों में ही हो रहे हैं, इसलिए वाहनों की आवश्यकता को पूरा करना आसान होगा. अतिरिक्त वाहनों की जरूरत होने पर जिला कलेक्टर से संपर्क करेंगे.

8. स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए इंस्पेक्टर रैंक के सेक्टर वाइज पर्यवेक्षक अधिकारियों को तैनात किया जाएगा.
9 पुलिसकर्मियों को सीख: जिला एसपी चुनाव ड्यूटी पर तैनात किए जाने से पहले पुलिसकर्मियों को क्षेत्र और परिस्थितियों के बारे में पूरी तरह ब्रीफ करेंगे. पुलिसकर्मी रेस्पॉन्सिबिलिटी क्षेत्र के बाहर व्यवहार न करें. कोड ऑफ कंडक्ट का चुनाव के दौरान पालन करें और कराएं.

पुलिस मुख्यालय ने निकाय चुनावों के दौरान पूर्व में हुई घटनाओं को देखते हुए एहतियातन कदम उठाए जाने के भी निर्देश दिए हैं. इसके लिए लोगों से भी चुनाव पूर्व संवाद कायम करने के लिए कहा गया है. सीमित क्षेत्र में चुनाव होने के कारण झगड़े और विवाद होने का ज्यादा अंदेशा होता है. ऐसे में पुलिस की भूमिका ज्यादा प्रभावी होनी चाहिए.

किस जिले में कितना पुलिस बल?
25 पुलिस जिलों में 19 हजार 701 पुलिस जवानों और अधिकारियों की जरूरत बताई गई है. वहीं इन जिलों में 41 हजार 451 पुलिस बल मौजूद है. इस लिहाज से 41 हजार का 50 प्रतिशत जाब्ता ही चुनाव ड्यूटी में तैनात होगा. इसमें रिजर्व पुलिस बल अलग से तैनात किया जाएगा.

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