जोधपुर: जी-जान से टिड्डियों से फसलों को बचाने में लगे किसान, फिर भी हर कोशिश नाकाम

लोहावट क्षेत्र के पंचायत समिति देचू क्षेत्र में बुधवार को दोपहर के बाद अचानक बादलों में धुएं की तरह टिड्डी दल दिखाई दिया, जिसे एकबारगी तो सब घरों से बाहर निकल कर देखने लगे.

जोधपुर: जी-जान से टिड्डियों से फसलों को बचाने में लगे किसान, फिर भी हर कोशिश नाकाम
पंचायत समिति देचू क्षेत्र के गुमानपुरा सहित अधिकांश गांव में टिड्डी दल ने पहुंचकर हमला कर दिया.

अरुण हर्ष, देचू: लोहावट और शेरगढ़ उपखंड क्षेत्र पिछले कई दिनों से टिड्डी दल के हमले से लाखों रुपये की फसल चौपट हो गई, वहीं, कई गांवों में टिड्डी दल का पड़ाव होने से किसानों की नींद भी उड़ने लग गई है.

लोहावट क्षेत्र के पंचायत समिति देचू क्षेत्र में बुधवार को दोपहर के बाद अचानक बादलों में धुएं की तरह टिड्डी दल दिखाई दिया, जिसे एकबारगी तो सब घरों से बाहर निकल कर देखने लगे लेकिन कुछ ही देर बाद खेतों में खड़ी फसल को नष्ट कर दिया. 

पंचायत समिति देचू क्षेत्र के गुमानपुरा सहित अधिकांश गांव में टिड्डी दल ने पहुंचकर हमला कर दिया. टिड्डी दल को लेकर किसान टिड्डियों को भगाने को लेकर बजाने के लिए घर से सामान लेकर खेतों में पहुंचे तब तक टिड्डी ने हमला कर दिया था.

इस बार टिड्डी दल की संख्या अधिक होने के कारण बार-बार उड़ान भर लेता है, जिससे नियंत्रण में आने में मुश्किल हो रहा है. किसानों ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है.

दरअसल, सीमा पार पाकिस्तान से आ रही टिड्डी को लेकर पश्चिमी राजस्थान के इलाको में कहर पिछले आठ से नौ महीने से जारी है. वहीं, 28 जनवरी को बाड़मेर के गुड़ामालानी के सगरानियों की बेरी में टिड्डियों ने किसान निम्बाराम के पूरे खेत चट कर दिया तो इतना भयंकर सदमा लगा कि उसकी मौत हो गई.

किसान को इस बात की चिंता थी, जिस फसल के लिए 3 तीन लाख का लोन लिया, उसे कैसे जमा करवाएगा? जैसे टिड्डी उसके खेत में पहुंची तो टिड्डी को भगाने का पूरा जतन करता नजर आया लेकिन सदमा लगने से बेहोश होकर गिर गया और मौके पर ही मौत हो गई.