जालोर: 43 गांवों में टिड्डियों का हमला, फसलें पूरी तरह नष्ट

जालोर के नेहड़ क्षेत्र में 10 दिन के भीतर टिड्डियों का दूसरी बार हमला हुआ है, जिससे नेहड़ क्षेत्र के आठ पटवार मंडल के 43 गांवो में टिड्डियों ने किसानों के खेत साफ कर दिए हैं.  

जालोर: 43 गांवों में टिड्डियों का हमला, फसलें पूरी तरह नष्ट
किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है

जालोर: जिले के नेहड़ क्षेत्र में 10 दिन के भीतर टिड्डियों का दूसरी बार हमला हुआ है, जिससे नेहड़ क्षेत्र के आठ पटवार मंडल के 43 गांवो में टिड्डियों ने किसानों के खेत साफ कर दिए हैं. सूचना पर सूबे के वन एवं पर्यावरण मंत्री सुखराम बिश्नोई ने जिला कलेक्टर महेंद्र सोनी सहित बैंक और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ नेहड़ क्षेत्र का दौरा कर किसानों के दर्द पर मरहम लगाने की कोशिश की. इस क्षेत्र में टिड्डियों का हमला कोई पहली बार नहीं हुआ है. इससे दस दिन पहले भी यहां कई गांवो में टिड्डियां फसलों को चट कर चुकी हैं, लेकिन टिड्डी नियंत्रण दल बिल्कुल ही फैल साबित हो रहा है.

मंत्री सुखराम बिश्नोई ने नेहड़ क्षेत्र के सरवाना, बालेरा, भाटकी, सुन्थड़ी, खेजड़ियाली, सिपाहियों की ढाणी और वेडिया सहित कई गांवों का दौरा कर टिड्डी से हुए नुकसान का सर्वे करवा कर राज्य सरकार से राहत प्रदान करवाने और बीमा कंपनी से क्लेम दिलवाने की बात कही है.

43 गांवो में 90 फीसदी नुकसान का आकलन हुआ है. कृषि विभाग द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. भीमगुड़ा पटवार मंडल के राजस्व गांव भीमगुड़ा में 75 फीसदी, भीमगुड़ा भाटा, रामदेव नगर, जाणीपूरा, कलजी की बेरी, वेडिया और भींचरो की ढाणी में 100 फीसदी तथा आरवा में 50 फीसदी नुकसान हुआ है.

वहीं टांपी पटवार मंडल के राजस्व गांव मेलावास चारणान व रायपुरिया में 100 फीसदी, मालासर में 85, सुजानपुरा में 90, भलाइयां में 80 फीसदी नुकसान हुआ है. वहीं खेजड़ियाली पटवार मंडल के खेजड़ियाली में 90, हाजीपुर में 70, चामुंडानगर में 100, शिवगढ़, सिपाहियों की ढाणी और आकोड़ीया में 80 फीसदी नुकसान हुआ है.

भवातड़ा में 90, जोरादर में 50, धींगपुरा में 95, रिड़का में 95, सकुरगढ़ में 90 और मंडाली में 50 फीसदी नुकसान हुआ है. बालेरा पटवार मंडल के बालेरा में 90, भाटकी ने 90, नलधरा में 90, शिवनगर में 90, सुन्थड़ी में 90, उमरकोट 90, डंडियावांगा में 90, वरणवा में 90, अहमदकोट में 90, साकरिया में 90, विशनपुरा में 50, फोगड़वा में 95 फीसदी नुकसान बताया गया है.

इधर किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि टिड्डी पर स्प्रे के बाद भी कोई असर नहीं पड़ रहा है. स्प्रे में डाली गई दवा से टिड्डियां मर ही नहीं रही. वहीं सबसे बड़ी बात यह है कि 10 दिन पहले भी बाड़मेर जिले से टिड्डियां आई थी और वापस बाड़मेर से ही आई हैं. अगर प्रशासन की सक्रियता होती तो इतने गांवों में नुकसान नहीं होता.