पाकिस्तानी दुश्मन के आमेर पहुंचते ही इलाके में हड़कंप, किसान हुए परेशान

किसान कड़ी धूप में दौड़कर अपने खेतों में पहुंचे और टिड्डियों को भगाकर अपनी फसलों को बचाने का प्रयास किया.

पाकिस्तानी दुश्मन के आमेर पहुंचते ही इलाके में हड़कंप, किसान हुए परेशान
प्रतीकात्मक तस्वीर.

दामोदर प्रसाद, जयपुर: राजधानी जयपुर के आमेर के कई इलाकों में आज के टिड्डी दल पहुंचा. आमेर में कई जगहों पर टिड्डियों ने फसलों और पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाया. टिड्डी दल को देखकर इलाके में हड़कंप मच गया. 

किसान कड़ी धूप में दौड़कर अपने खेतों में पहुंचे और टिड्डियों को भगाकर अपनी फसलों को बचाने का प्रयास किया. लाखों करोड़ों की संख्या में टिड्डी दल को देखकर किसानों के हाथ पांव फूल गए.

किसानों ने अपने अपने खेतों में से टिड्डियों को भगाया. टिड्डी दल आमेर के कूकस, नाहरगढ़ सेंचुरी होते हुए आमेर मुख्यालय पहुंचा. आमेर में वन विभाग के मनसा माता पार्क में भी टिड्डी दल में हमला किया और नर्सरी के कई पेड़ पौधों को नुकसान पहुंचाया. टिड्डी दल को देखकर वन विभाग के कर्मचारियों मैं भी हड़कंप मच गया.

वन कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद अपनी सजगता के चलते टिड्डियों को भगाने में सफलता हासिल की. वन कर्मियों ने सूखी घास-फूस को जलाकर धुंआ किया. घास फूस के सुलगने से पूरी नर्सरी में धुआं ही धुआं फैल गया, जिससे टिड्डी दल उड़ कर आगे निकल गया. इसके बाद टिड्डी दल जयसिंहपुरा खोर इलाके में पहुंचा, जहां पर किसानों के खेतों में फसलों पर हमला कर दिया. भारी संख्या में टिड्डी दल को देखकर किसान सकते में आ गए. कुछ समझ में आता तब तक तो टिड्डियों ने काफी नुकसान कर दिया. जिस पेड़ पर टिड्डी दल बैठा, उसको पूरी तरह से चट कर दिया.

कड़ी मशक्कत के बाद किसानों ने अपने अपने खेतों से टिड्डियों को भगाया. इसी तरह टिड्डी दल आमेर के आसपास के इलाकों में ही घूमता रहा, जिससे क्षेत्र के किसानों में काफी डर का माहौल बन गया क्योंकि किसानों के खेतों में तैयार फसलें होने से नुकसान का भी डर सताने लगा हालांकि शाम तक टिड्डी दल आमेर के आसपास के इलाकों से निकलकर जमवारामगढ़ की तरफ आगे निकल गया.

वन विभाग के कर्मचारी शिव किशोर ने बताया कि मनसा माता नर्सरी में अपनी ड्यूटी कर रहे थे. इस दौरान अचानक टिड्डी दल नर्सरी में पहुंचा और पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा दिया लेकिन हमने टिड्डियों को भगाने के लिए घास-फूस का कचरा जला कर दुआ फैलाया, जिससे टिड्डी उड़कर चली गई, जिससे ज्यादा नुकसान होने से बच गया.