टिड्डी हमले को राष्ट्रीय प्राकृतिक आपदा घोषित करने की मांग, राजस्व मंत्री ने PM को लिखा पत्र

राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर टिड्डी हमले को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है.

टिड्डी हमले को राष्ट्रीय प्राकृतिक आपदा घोषित करने की मांग, राजस्व मंत्री ने PM को लिखा पत्र
बाड़मेर जिले के दर्जनों क्षेत्रों में टिड्डियां कहर बरपा रही हैं.

भूपेश आचार्य, बाड़मेर: पाकिस्तान (Pakistan) में लगातार हो रहे टिड्डी हमले के बाद पाकिस्तान और सोमालिया में टिड्डी को राष्ट्रीय प्राकृतिक आपदा (National natural disaster) घोषित कर दी गयी है. 

वहीं, सीमावर्ती बाड़मेर जिले में पिछले 8 महीनों से एक के बाद एक पाकिस्तान से आ रही टिड्डी अटैक हो रहा है, जिसके बाद अब राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर टिड्डी हमले को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है.

सीमावर्ती बाड़मेर जिले के चौहटन इलाकों के गांवों में इस बार कुदरत इस कदर नाराज है कि पिछले 8 महीनों से एक के बाद एक टिड्डी अटैक हो रहा है. यहां के किसान एक टिड्डी हमले से निपटते ही नहीं हैं कि पाकिस्तान से दूसरा टिड्डी अटैक हो जाता है. अधिकतर किसानों ने सहकारी बैंकों से ऋण लेकर रबी की बुआई की थी, ऐसे में अब किसानों को एक बात की चिंता सता रही है कि आखिर वह कर्ज कैसे चुकाएंगे क्योंकि जिन किसानों की पहले फसल बर्बाद हो गई है, उन किसानों को अब तक सरकार ने सहायता राशि नहीं दी है.

राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने लिखा पीएम को पत्र
राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखकर कहा है कि भारत पाक सीमा से सटे राज्यों में इस बार हो रहे टिड्डी प्रकोप से भयावह नुकसान को देखते हुए इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए और प्रभावित किसानों को पूर्व मुआवजा दिलवाने की भी मांग की है.

खुद को कोसते नजर आते किसान
पाकिस्तान से सटे बावड़ी, बूथ, मिये का तला, सरूपे का तला, नवातला, मिठडाउ गांवों के किसानों ने इस बार करोड़ों के ऋण लेकर खेती तो कर दी, लेकिन टिड्डियों ने फसल को चट कर दिया है. टिड्डियों ने किसानों के खेतों में बोई रबी की फसल जीरा, इसबगोल, अरण्डी, गेहूं, रायड़ा, सरसों, मेथी सहित फसलों को खाकर खेत खाली कर दिए. किसान खेत में खड़ी फसल को पल भर में चौपट होती देख माथे पर हाथ खुद को कोसते नजर आते हैं.

टिड्डी दल जहां भी डेरा डालता है, वहां घंटों में फसल चट कर देता है. यहां के किसानों ने बताया कि लहलहाती फसल आंखों के सामने नष्ट होती देख दिल थामना मुश्किल हो रहा है. उनके लिए सेठ साहूकार और बैंकों का ऋण चुकाने की चिंता सता रही है.

अच्छी फसल पैदा होने की उम्मीद थी
बाड़मेर जिले के दर्जनों क्षेत्रों में टिड्डियां कहर बरपा रही हैं. बड़ी संख्या के पड़ाव ने देखते ही देखते किसानों के खेत खाली कर दिए हैं. किसानों के अनुसार, बड़ी मेहनत से हाड़ कंपाने वाली सर्दी में रात भर जागकर मेहनत कर अच्छी फसल पैदा होने की उम्मीद लिए बैठे थे, लेकिन पाकिस्तान से आई टिड्डी ने खेत देखते ही देखते चट कर दिए. ऐसे में महंगी बुवाई खाद, बीज और सिंचाई कर फसल के इतंजार में बैठे किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है.