लोकसभा चुनाव 2019 में BJP को मात देकर क्या कांग्रेस हासिल कर पाएगी दौसा का ताज

राजस्थान की दौसा लोकसभा सीट की बात करें तो 2014 में यहां से बीजेपी के हरीश चंद्र मीणा ने जीत हासिल की थी.

लोकसभा चुनाव 2019 में BJP को मात देकर क्या कांग्रेस हासिल कर पाएगी दौसा का ताज
सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट 1984, 1991, 1996, 1998 में यहां से सांसद रह चुके हैं.

दौसा: देशभर में 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों को लेकर केंद्र और विपक्ष दोनों ही अपनी तैयारियों में जुट गया है. एक ओर जहां सत्ता पर काबिज बीजेपी सभी राज्यों में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए लगातार कोशिश कर रही है. तो वहीं दूसरी ओर विपक्ष भी बीजेपी को केंद्र से हटाने के लिए किसी तरह की कसर नहीं छोड़ना चाहते है. जिसके चलते केंद्र से लेकर राज्यों तक की राजनीति गरमाइ हुई है.

इसी बीच राजस्थान की दौसा लोकसभा सीट की बात करें तो 2014 में यहां से बीजेपी के हरीश चंद्र मीणा ने जीत हासिल की थी. 2014 के आम चुनाव में इस सीट पर दूसरे नंबर पर डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और तीसरे नंबर पर कांग्रेस थी लेकिन दिसंबर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हरीश चंद्र मीणा ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था और कांग्रेस का हाथ थाम लिया था, जो लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए एक करारा झटका साबित हो सकता है. यहां आपको बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में हरीश मीणा ने अपने ही बड़े भाई पूर्व केंद्रीय मंत्री और सीनियर कांग्रेस नेता नमो नारायण मीणा को  हराया था. 

लोकसभा सीट का इतिहास
दौसा संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत 8 विधानसभा सीटें हैं. साल 1952, 1957 में इस सीट से कांग्रेस को कामयाबी मिली. वहीं 1962, 1967 में स्वतंत्र पार्टी ने इस सीट पर अपना परचम लहराया. 1971 में कांग्रेस, 1977 में जनता पार्टी, 1980, 1984 में फिर से कांग्रेस ने इस सीट पर अपनी जीत दर्ज की. 1989 में बीजेपी की जीत के बाद 1991 से 2004 तक लगातार 5 बार इस सीट पर कांग्रेस काबिज रही. 

कांग्रेस के दिवंगत नेता और राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट 1984, 1991, 1996, 1998 में यहां से सांसद रहे. वहीं साल 2004 का आम चुनाव सचिन पायलट ने यहां से जीता था. 2009 में निर्दलीय उम्मीदवार किरोणी लाल मीणा यहां से चुनाव जीतकर सांसद बने थे लेकिन साल 2014 का चुनाव भाजपा ने यहां जीता और हरीश चंद्र मीणा सांसद की कुर्सी पर बैठे और इस सीट पर बीजेपी की जीत के साथ ही राजस्थान में बीजेपी ने सभी 25 सीटों पर जीत दर्ज की थी. दौसा लोकसभा सीट पर मुख्य रूप से कांग्रेस का ही दबदबा रहा है.