बारां के नागदा धाम में महाशिवरात्रि की धूम, सैकड़ों की संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु

बारां के अंता कस्बे से 5 किलोमीटर दूर नागदा का महादेव जी का मंदिर अति प्राचीन मंदिर है. यहां लगभग 1100 साल पुराने अवशेष मिले हैं. 

बारां के नागदा धाम में महाशिवरात्रि की धूम, सैकड़ों की संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु
भोलेनाथ के दर्शन और कुंडों में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रहती है.

राम मेहता, बारां: जिले के शिव मंदिर नागदा धाम ऐतिहासिक पर्यटक स्थल के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए हैं. यही वजह है कि यहां पर लगने वाले धार्मिक मेलों के दौरान हाड़ौती क्षेत्र से बड़ी संख्या श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है. भोलेनाथ के दर्शन और कुंडों में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रहती है.

बारां के अंता कस्बे से 5 किलोमीटर दूर नागदा का महादेव जी का मंदिर अति प्राचीन मंदिर है. यहां लगभग 1100 साल पुराने अवशेष मिले हैं. यह स्थान कालीसिंध के तट पर तपोस्थली रहा है. इस स्थान पर 7 कुंड हैं, जिनमें गोमुख से धारा बहने वाले 5 कुंड और 2 कुंड प्राकृतिक धारा से सुशोभित है. 

इस धरा पर लगभग 70 सती देवियों के चबूतरे हैं. यहां कार्तिक पूर्णिमा पर भव्य मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें 3 दिनों तक लगने वाले इस मेले में लाखों श्रद्धालु यहां पहुंच कर कुंड में स्नान करते हैं और महादेव की पूजा-अर्चना करके धर्म लाभ प्राप्त करते हैं. 

बुकिंग करके मिलते हैं भगवान के दर्शन
फागुन मास के दिन महाशिवरात्रि पर भी यहां मेले का आयोजन होता है. वहीं, श्रावण मास में यहां पर रूद्र अभिषेक दिनभर चलते रहते हैं. ऐसे में अभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं को पहले से बुकिंग करनी पड़ती है, तब जाकर उन को समय पर पूजन करने का मौका मिलता है. इस स्थान पर  लगभग 45 सालों से अखंड ज्योति चल रही है और दूसरी अखंड ज्योति 18 साल से तथा तीसरी अखंड ज्योति लगभग 10 साल से चल रही है. तीन अखंड ज्योति यहां अनवरत चलती है. इस स्थान की ऐसी मान्यता है कि यहां पर कुंड में स्नान करने से चर्म रोग के राहत मिलती है.

नागदा धाम पर पिकनिक पार्टी करने वालों का रहता है तांता 
इस स्थान को राजस्थान सरकार द्वारा पर्यटक स्थल घोषित किया हुआ है.  वर्तमान में मंदिर के पास ही नागदा राज परिवार के रियासत कालीन शहीदों के स्मारक बने हुए हैं. उल्लेखनीय है कि जब से इस मंदिर का नव निर्माण हुआ है, तब से यहां पर धाबाई परिवार द्वारा शाम की आरती की व्यवस्था अनवरत की जा रही है. नागदा धाम पर पिकनिक पार्टी करने वालों का तांता लगा रहता है. यहां पर रविवार और सोमवार को विशेषकर श्रद्धालु पिकनिक पार्टी के लिए परिवार सहित यहां आते हैं. 

जन्मदिन पर केक काटने की अनुमति नहीं
यहां पर पूर्णतया धार्मिक भावनाओं के अनुकूल ही पिकनिक पार्टियां होती हैं. विशेष तौर से जन्मदिन पार्टी मनाने वालों को यहां पर केक काटने की अनुमति नहीं है. जन्मदिन मनाने वाले कन्या भोज सामूहिक भोज सब कुछ कर सकते हैं. भोजन शालाओं के अंदर सभा करना यहां पर सख्त मना है.