टोंक: युवक ने नाबालिग का अपहरण कर किया कमरे में बंद, पुलिस की जांच पर उठे सवाल

देश में मासूमों के साथ होने वाले अत्याचारों के खिलाफ हमेशा से ही कड़े कानूनों की मांग उठती रही है.

टोंक: युवक ने नाबालिग का अपहरण कर किया कमरे में बंद, पुलिस की जांच पर उठे सवाल
प्रतीकात्मक तस्वीर

टोंक: देश में मासूमों के साथ होने वाले अत्याचारों के खिलाफ हमेशा से ही कड़े कानूनों की मांग उठती रही है. इसके लिए पॉक्सो एक्ट जैसे गम्भीर क़ानून भी बनाए गए हैं, लेकिन फिर भी मासूम ओर नाबालिग़ बच्चों के साथ अत्याचार और यौन शोषण के मामले थमने का नाम ले रहे हैं. 

ताज़ा मामला टोंक जिले के टोडारायसिंह थाना क्षेत्र का है. जहां एक नाबालिग़ के अपहरण के बाद उसे कई दिनों तक बेहोशी की हालत में एक कमरे में बंद रखा गया, लेकिन फिर भी पुलिस ने मामला की जांच किए बगैर आरोपी की छोड़ दिया.

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मामला दरअसल टोडारायसिंह थाना क्षेत्र के गांव की रहने वाली 9वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा से जुड़ा है. छात्रा का आरोप है कि कुछ दिनों पहले उसके पास एक अनजान नम्बरों से कॉल आया ओर उसके कुछ दिनों बाद ही एक युवक उसका अपहरण कर ले गया. परेशान परिजनों ने टोडारायसिंह थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन इसी बीच पीड़िता के मोबाइल कोल डिटेल के आधार पर उसके अपहरण की बात सामने आई. 

जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सीकर के कंचनपुरा गांव के एक मकान से पीड़िता को दस्तयाब कर लिया और आरोपी युवक को हिरासत में लेकर टोंक आ गई. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पीड़िता को दस्तयाब करने के 5 दिन बाद उसका मेडिकल कराया जबकि घरवाले लगातार उसके मेडिकल कराए जाने की मांग करते रहे.

वहीं, इस मामले में पीड़िता को लेकर उसके परिजन अब बाल कल्याण समिति की शरण में पहुंच गए हैं. बाल कल्याण समिति भी ज़िला पुलिस को क़रीब अब तक 3 पत्र लिख कर मामले में कार्रवाई की मांग कर चुकी है, लेकिन फिर भी टोंक पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है.

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