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टोंक: अब तक नहीं हो सका विवाद का निपटारा, पुलिस से वार्ता हुई विफल

जिले के नगरफोर्ट क्षेत्र के गणेती गांव में बीते दिन ट्रैक्टर चालक की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस कार्मिकों पर हत्या के आरोप के बाद कांग्रेस के देवली-उनियारा विधायक हरीश मीना मृतकों के परिजनों के साथ धरने पर बैठे है. 

टोंक: अब तक नहीं हो सका विवाद का निपटारा, पुलिस से वार्ता हुई विफल
विधायक मीना शव के साथ अस्पताल में धरने पर हैं. (फाइल फोटो)

टोंक/पुरुषोत्तम जोशी: जिले के नगरफोर्ट क्षेत्र के गणेती गांव में बीते दिन ट्रैक्टर चालक की संदिग्ध मौत के मामले में उनियारा थानाधिकारी मनीष चारण और अन्य पुलिस कर्मियों पर हत्या के आरोप के बाद कांग्रेस के देवली-उनियारा विधायक हरीश मीना मृतकों के परिजनों के साथ धरने पर बैठे है. अब तक पांच दौर की वार्ता हो चुकी है. लेकिन अब तक समझाइश नहीं हो पाई है.

मीडिया कर्मियों पर लगा है प्रतिबंध
हैरत की बात तो यह है कि ना पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट मीडिया से जानकारी साझा कर रहे है और ना ही अजमेर से नगरफोर्ट पहुंचे आईजी संजीब नर्जरी. यहां तक की समझाइश वार्ता की कवरेज पर मीडियाकर्मियों पर प्रतिबंध भी लगा दिया.

डॉक्टर ने मृत किया था घोषित
29 मई की सुबह 5 बजे टोंक जिले के नगरफोर्ट लोकेशन पर तैनात 108 एम्बुलेंस पर जयपुर 108 कॉल सेंटर से कॉल आया. कॉलर ने बताया कि बोसरिया गांव में एक एक्सीडेंट हुआ है. अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टर ने युवक को मृत घोषित कर दिया.

पुलिस वाले बना रहे दबाव
आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगरफोर्ट में तैनात डॉक्टर ने बताया की उनियारा पुलिस थाने का थानाधिकारी मनीष चारण डेड बॉडी को ही रेफर करने के लिए दबाव बना रहा था.

परिजनों संग कांग्रेस विधायक धरने पर
उधर दूसरी ओर कांग्रेसी विधायक हरीश मीना शव को लेकर नगरफोर्ट अस्पताल में धरने पर बैठे है. आईजी संजीब नर्जरी से हुई समझाइश वार्ता को पूरी तरह से फेल बताते हुए मीना ने पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट पर गम्भीर आरोप जड़ा है. मीना ने कहा कि एसपी दोषी पुलिसकर्मियों को बचाने की कोशिश कर रहे है.

साहब टोंक पुलिस के लिए सब कुछ है मुमकिन
साहब टोंक पुलिस सफेद को काला और काले को सफेद करने की हिम्मत रखती है. अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए लोग जिस पर आस लगाए बैठते हैं. उनकी तलाश टोंक पुलिस नहीं कर सकती. क्योंकि वो खुद कटघरे में हैं.