मावठ ने बढ़ाया बुवाई रकबा, राजस्थान में अब तक 60 लाख हेक्टेयर भूमि में बुवाई

लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के बाद निर्माण और उत्पादन गतिविधियां धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रही हैं. 

मावठ ने बढ़ाया बुवाई रकबा, राजस्थान में अब तक 60 लाख हेक्टेयर भूमि में बुवाई
दीपावली के बाद ही दस लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी है.

जयपुर: मावठ के साथ ही राजस्थान में बुवाई रकबा अब तेजी से बढ़ने लगा है. प्रदेश में अब तक 60 लाख हेक्टेयर भूमि में बुवाई हो चुकी है. चालू रबी सीजन में 98,80, 000 हेक्टेयर बुवाई रकबे का लक्ष्य तय किया गया है. अब तक सबसे अधिक बुवाई सरसों की हुई है. इसके बाद चना और गेहूं की बुवाई रकबा तेजी से बढ़ा है. किसानों को इस सीजन में मौसम के बेहतर रहने और जमीन में नमी होने से फसल बेहतर रहने की उम्मीद हैं.

राजस्थान में चालू रबी सीजन में बुवाई रकबा इस बार भी 1 करोड़ हेक्टेयर के पार रहेगा. पिछले सीजन में कुल बजाई रकबा 1 करोड़ 13 लाख 60 हजार रहा था. राजस्थान के लगभग सभी जिलों में बुवाई रकबा इस सीजन में बेहतर है. अब तक तय लक्ष्य का साठ फीसदी बुवाई रकबा आकड़ों में जुड़ चुका है. अलवर, अजमेर, जयपुर, श्रीगंगानगर, कोटा, नागौर, पाली, जोधपुर, भरतपुर, बाड़मेर, चूरू, टोंक सहित अधिकतर क्षेत्रों में बुवाई रकबा बढ़त पर है. 

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दीपावली के बाद ही दस लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी है. किसानों को बीज और खाद सप्लाई सरकारी स्तर पर भी उपलब्ध करवाया जा रहा है. निजी कंपनियां भी किसानों की मांग के आधार पर बीज उपलब्ध करवा रही है. जिन क्षेत्रों में सिंचाई संसाधन उपलब्ध है वहां अगेती फसल अब तक बेहतर है, इससे अनुमान है कि उत्पाद बेहतर रहेगा.

क्या कहना है किसानों का
किसान बलकौर सिंह ढिल्लो का कहना हैं कि इस बार खरीफ सीजन की फसल का मूल्य किसानों को बेहतर मिला है. खासकर दलहन कीमतों में अधिक तेजी रही, ऐसे में चना, तारामीरा सहित तिलहन औरद दलहन की बुवाई किसान अधिक कर रहे हैं. रबी सीजन में भी खेतों में नमी बेहतर है, दीपावली पर हुई मावठ प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में हुई, ऐसे में बुवाई मे अब जबरदस्त तेजी है. 

राजस्थान के कृषि विभाग के आकड़ों के अनुसार अब तक सरसों 17 लाख हेक्टेयर, गेहूं 10 लाख हेक्टेयर, जौ 45 हजार हेक्टेयर, तारामीरा 21 लाख 50 हजार हेक्टेयर, चना 16 लाख 74 हजार हेक्टेयर हो चुकी है. अधिकतर इलाकों में अब बुवाई चरम पर है. पछेती सरसों की बुवाई अब अंतिम चरण में है. गेहूं की बुवाई भी पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश और गुजरात से लगते क्षेत्रों में जारी है. 

मुख्य बिंदु

  • कृषि जिंस बुवाई लक्ष्य अब तक बुवाई
  • सरसों 27 लाख हेक्टेयर 17 लाख हेक्टेयर
  • गेहूं 31 लाख हेक्टेयर 10 लाख हेक्टेयर
  • जौ 3,10,000 हेक्टेयर 1,35,000 हेक्टेयर
  • चना 18 लाख हेक्अेयर 16,74,000 हेक्टेयर

लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के बाद निर्माण और उत्पादन गतिविधियां धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रही हैं. ऐसे में कृषि सेक्टर में उछाल अर्थव्यवस्था और जीडीपी को गति देने में मददगार साबित हो सकते हैं. नवंबर अंत तक कुल लक्ष्य का अस्सी फीसदी बुवाई आकड़ा पाने की उम्मीद किसान और कृषि विभाग को है. बुवाई आकड़े कृषि जिंसों की कीमतों को तय करने में भी अहम भूमिका निभाएगीं.