जयपुर: Mayor ने सुनी पार्षदों की समस्याएं, अधिकारियों को दिया तुरंत निराकरण के निर्देश

मेयर सौम्या गुर्जर सोमवार को जोन ऑफिस पहुंची. यहां उन्होने क्षेत्र के सभी 21 पार्षदों से वन टू वन मुलाकात की और उनके वार्ड की समस्याओं को जाना. 

जयपुर: Mayor ने सुनी पार्षदों की समस्याएं, अधिकारियों को दिया तुरंत निराकरण के निर्देश
मेयर ने पार्षदों की समस्याएं चुनी और अधिकारियों को तुरंत निराकरण करने का निर्देश दिया. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जयपुर: नगर निगम में जनता को हो रही परेशानी और शहर में काम नहीं होने से नगर निगम ग्रेटर मेयर सौम्या ने विद्याधर नगर क्षेत्र के सभी पार्षदों की बैठक ली. नगर निगम विद्याधर नगर जोन के कार्यालय में मेयर ने सभी पार्षदों के वार्ड की समस्याओं को वन टू वन सुना. साथ में संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान करने के निर्देश दिए. निगम अधिकारियों द्वारा पार्षदों के काम बताने के बाद नहीं होने को लेकर मेयर ने अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा की अब काम करने का आदत डाल लो.

दअसल, जयपुर नगर निगम ग्रेटर के विद्याधर नगर क्षेत्र के पार्षदों की समस्याएं सुनने मेयर सौम्या गुर्जर सोमवार को जोन ऑफिस पहुंची. यहां उन्होने क्षेत्र के सभी 21 पार्षदों से वन टू वन मुलाकात की और उनके वार्ड की समस्याओं को जाना. इस बैठक की खास बात ये रही कि सभी पार्षदों ने अपने क्षेत्र में मुख्य समस्या डोर टू डोर कचरा संग्रहण सही से नहीं होना बताया. इसके बाद दूसरी सबसे बड़ी समस्या बंद रोड लाईटें, जो शिकायत दर्ज करने के बाद भी ठीक नहीं होती.

विद्याधर नगर जोन कार्यालय में हुई इस बैठक में मेयर ने एक-एक पार्षद से उनकी समस्याओं को सुना और उस अधिकारियों को एक परफोर्मा में नोट करवाया. साथ ही जोन उपायुक्त करणी सिंह को निर्देश दिए कि आगामी सात दिन के अंदर सफाई, बंद रोड लाईट और डोट टू डोर संबंधि समस्या का हर हाल में निस्तारण होना चाहिए. बैठक में आए अधिकांश पार्षदों ने बताया कि उनके घर-घर 3 से 4 दिन में एक बार कचरा लेने के लिए गाड़ी पहुंच रही है.

सभी पार्षदों ने अपनी पीड़ा मेयर को सुनाते हुए बताया कि वार्ड में एक समय था जब कचरा डिपो खत्म हो गए थे. डोर टू डोर संग्रहण व्यवस्था शुरू करने के बाद कचरा डिपो हटा दिए गए थे. लेकिन जैसे-जैसे डोर टू डोर संग्रहण की व्यवस्थाएं बिगड़ रही है, जनता परेशान हो रही है. लोग मजबूर अपने घरों से दो-तीन दिन का कचरा सड़कों पर पुरानी जगह बने कचरा डिपो पर डाल रहे है.

इसके अलावा पार्षदों ने बताया कि खराब रोड लाईट ठीक करने के लिए भी लोग कई शिकायतें करते है, लेकिन उन समस्याओं का भी समय पर निस्तारण नहीं होता. आवारा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं. किसी अधिकारी को फोन करो तो वह सुनता नहीं है.
 
बहरहाल, पार्षदों ने मेयर को कहा की जिस जनता ने हमे चुनाव जीताकर अपना जनप्रतिनिधि बनाया यदि उनका काम नहीं हो तो ये मुश्किल हो जाएगा. यदि जनप्रतिनिधि और जनता के बीच दूरी एक बार बढ़ने लगी और नाराजगी हुई तो वह कभी भी समाप्त नहीं हो सकती, उसका खामियाजा पार्षदों को ही आने वाले समय में भुगतना पडेगा, इसलिए पहले से ही यदि जनता के काम होंगे तो जनता और जनप्रतिनिधि के बीच अच्छा संवाद रहेगा.

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