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राजस्थान में भी हड़ताल पर डॉक्टर, चिकित्सा सेवाएं हुईं प्रभावित

सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी बंद रहने से जहां रोगियों को परेशानी हुई, वहीं कई ऑपरेशन और अन्य तय उपचार भी टल गए. 

राजस्थान में भी हड़ताल पर डॉक्टर, चिकित्सा सेवाएं हुईं प्रभावित
हालांकि आपात सेवाओं को इस हड़ताल से अलग रखा गया है.

जयपुर: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर राज्य के सरकारी और निजी चिकित्सकों के हड़ताल पर चले जाने के कारण सोमवार को राजस्थान में भी चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हुईं.

आईएमए ने पश्चिम बंगाल के आंदोलन कर रहे चिकित्सकों के समर्थन में इस देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है.

सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी बंद रहने से जहां रोगियों को परेशानी हुई, वहीं कई ऑपरेशन और अन्य तय उपचार भी टल गए. हालांकि आपात सेवाओं को इस हड़ताल से अलग रखा गया है.

सरकार की ओर से स्वास्थ्य विभाग ने सभी मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं हों.

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डा रघु शर्मा ने कहा, 'पश्चिम बंगाल में कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हुई हैं. रोगियों का उपचार करने वालों के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए. आम लोगों और डॉक्टरों को एक दूसरे से व्यावहारिक तरीके से पेश आना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाएं न हों'.

उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान रोगियों को परेशानी नहीं हो, इसके लिए आयुष चिकित्सकों की सेवाएं ली गयी हैं, नर्सिंग कर्मचारियों तथा प्रोबेशनरी चिकित्सकों को भी लगाया गया है.

वहीं चिकित्सकों के संगठन एआरआईएसडीए के अध्यक्ष डॉ अजय चौधरी ने कहा, 'राजस्थान सहित सभी जगह चिकित्सकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं होती रहती हैं. हम चाहते हैं कि सरकार अस्पतालों में चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा बल बनाए'.

आईएमए की राज्य इकाई के उपाध्यक्ष डॉ नरेंद्र खिप्पल ने कहा, 'डॉक्टर काला दिवस मना रहे हैं. सरकारी अस्पतालों के रेजीडेंटस ने भी हड़ताल को समर्थन दिया है'.