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जयपुर: मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित हुई प्री बजट बैठक, सीएम अशोक गहलोत रहे मौजूद

इस बैठक में अलग अलग क्षेत्रों में उम्दा कार्य करने वाले विशेषज्ञों ने भी अपने सेक्टर में बेहतर कार्य संभावनाओं का मांगपत्र सीएम के सामने रखा. 

जयपुर: मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित हुई प्री बजट बैठक, सीएम अशोक गहलोत रहे मौजूद
बजट पूर्व बैठकों में आए प्रस्तावों पर बजटीय प्रावधान तय होंगे. (फोटो साभार: twitter)

जयपुर: राजस्थान का अगले वित्तिय वर्ष का बजट तैयार हो रहा है. इससे पहले बजटीय प्रावधानों को लेकर सुझावों, चर्चा और मंथन का दौर जारी है. वित्त विभाग विभिन्न सरकारी महकमों से जो सुझाव ले ही रहा है. जिसके लिए औद्योगिक और कारोबारी संगठनों, युवा पेशेवरों, विभिन्न सेक्टर्स के विशेषज्ञों, महिलाओं और एनजीओ से सुझाव मांगे जा रहे हैं.

इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को जयपुर में प्री बजट बैठक की. बैठक की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री से वहां मौजूद संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी मांग रखी. बैठक में मंत्रिमंडल सदस्यों के साथ संबंधित विभागों के मुखिया मौजूद थे.

सीएम की पहली बैठक उद्योग और कारोबार संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई. जिसकी शुरुआत में ही एमएसएमई पोर्टल के जरिए निवेश प्रोत्साहन पहल के लिए सीएम गहलोत का आभार जताया गया. जबकि दूसरी बैठक में युवा और महिला पेशेवर शामिल हुए. इस बैठक में अलग अलग क्षेत्रों में उम्दा कार्य करने वाले विशेषज्ञों ने अपने सेक्टर में बेहतर कार्य संभावनाओं का मांगपत्र सीएम के सामने रखा. 

बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार इस समय आर्थिक मैनेजमेंट पर फोकस कर रही है. आय के मुकाबले खर्च सीमा में इजाफा हो रहा है. इसका साफ असर बजट में भी देखने को मिलेगा. सीएमओ में हुई बैठकों में औद्योगिक और कारोबारी संगठनों, युवा पेशेवरों, विभिन्न सेक्टर्स के विशेषज्ञों, महिलाओं, खिलाड़ियों और एनजीओ से प्रदेश के भावी बजट को लेकर सुझाव लिए गए. बजट पूर्व बैठकों में आए प्रस्तावों पर बजटीय प्रावधान तय होंगे.

प्रदेश कारोबारियों की मांग है कि बजटीय प्रावधान प्रक्रियाओं में सरलीकरण पर फोकस करें. जीएसटी और स्टेट टैक्स में सुधार की संभावनाओं पर बल दिया जाए. औद्योगिक संगठनों ने बिजली दरों में रियायत और नए औद्योगिक क्षेत्रों की मांग उठाई.