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राजस्थान: उम्मीदवारों के चयन के लिए कांग्रेस की कल से दिल्ली में होगी मैराथन बैठकें

राजधानी दिल्ली में मंगलवार से शुरू होने वाली दो दिवसीय बैठक में राजस्थान की 25 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों के चयन को अंतिम हो रूप दिया जाएगा. 

राजस्थान: उम्मीदवारों के चयन के लिए कांग्रेस की कल से दिल्ली में होगी मैराथन बैठकें
बैठक के दौरान रणनीतिकार कई बिंदूओं पर चर्चा करेंगे. (फाइल फोटो)

जयपुर: 2019 के लोकसभा चुनाव की तारीखों का भी ऐलान नहीं होने के बावजूद कांग्रेस पार्टी ने प्रत्याशियों के चयन के लिए  कवायद शुरू कर दी है. राजधानी दिल्ली में मंगलवार से शुरू होने वाली दो दिवसीय बैठक में राजस्थान की 25 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों के चयन को अंतिम हो रूप दिया जाएगा. इस चरण की तीसरी बैठक 1 मार्च को दिल्ली में ही होगी. 

राज्य की विधानसभा चुनाव को जीतने के बाद कांग्रेस मिशन 25 की तैयारी के साथ लोकसभा चुनावी समर में उतर चुकी है. लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती 25 जिताऊ प्रत्याशियों के चयन की है. इसके लिए कांग्रेस ने 1 महीने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी थी.

 आपको बता दें कि, राजस्थान में  25 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों के चयन के लिए कांग्रेस नेताओं का आपस में मंत्रणा का एक दौर पूरा हो चुका है. जिसका दूसरा चरण मंगलवार से दिल्ली में शुरू होने जा रहा है. 


(फाइल फोटो)

राजधानी दिल्ली के 15 जीआरजी में होगी बैठक

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, मंगलवार सुबह 11:00 बजे 15 जीआरजी के कांग्रेस वार रूम में होने वाली इस बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ सचिन पायलट, प्रभारी महासचिव अविनाश पांडे के अलावा राज्य के चार सह प्रभारी और लोकसभा सीट के पिछली बार की हारे हुए प्रत्याशी और वर्तमान विधायक शामिल होंगे. 

3 दिनों तक होगी मैराथन बैठक

बताया जा रहा है कि इसके लिए 26, 27 व 1 मार्च को बैठक होगी. 26 फरवरी को चूरू, गंगानगर, झुंझुनू, नागौर, बीकानेर, सीकर,  भरतपुर, करौली और टोंक लोकसभा सीट को लेकर होगा मंथन होगा. वहीं, 27 फरवरी को दोसा, अलवर, जयपुर देहात, अजमेर पाली , जालौर, सिरोही, जयपुर शहर, जोधपुर और बाड़मेर जैसलमेर सीट को लेकर चर्चा होगी. जबकि शेष सीटों पर 1 मार्च को मंथन होगा. 

राहुल गांधी की मुहर के बाद होगा अंतिम फैसला

माना जा रहा है कि इन उच्च स्तरीय बैठकों में राज्य के कई लोकसभा सीटों को लेकर प्रत्याशियों के नाम को अंतिम रूप दिया जा सकता है. जिसके लिए पार्टी के चुनावी रणनीतिकार किसी एक फार्मूले की बजाय कई पहलुओं पर काम कर रहे हैं. प्रदेश इलेक्शन कमेटी की तरफ से तैयार नामों के पैनल के अलावा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट की तरफ से दिए गए रिपोर्ट कार्ड पर भी उम्मीदवारों का चयन निर्भर करेगा. इसके अलावा एआईसीसी और राहुल गांधी की तरफ से करवाए गए सर्वे में शामिल नामों पर भी चर्चा की जाएगी. चयनित नामों की सूची राहुल गांधी के समक्ष रखी जाएगी राहुल गांधी की मुहर लगने के बाद सीईसी में इस पर मोहर लगेगी. 

गहलोत ने जिताऊ उम्मीदवार को प्राथमिकता देने की बात कही

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कह चुके हैं लोकसभा चुनाव के लिए विभिन्न वर्गो को उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा. लेकिन जिताऊ चेहरा होना सबसे पहली प्राथमिकता है. गहलोत ने कहा है कि पिछली बार जब उनकी सरकार थी. तब पार्टी ने लोकसभा की 20 सीटें जीती थी. इस बार भी माहौल बेहतर है और उम्मीद है कि कांग्रेस मिशन 25 को हासिल करने में कामयाब रहेगी.

मिशन 25 का सपना बनाने के लिए जरूरी है एक राय 

 बहरहाल इस बार के लोकसभा चुनाव कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है. विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के बीच भारी जंग चली थी. जिसका खामियाजा पार्टी को उठाना पड़ा था. ऐसे में उस चुनाव के सबक के तौर पर पार्टी नेताओं को प्रत्याशियों के चयन में एक राय, एक मत बनाना होगा. तभी कांग्रेस का मिशन 25 हासिल करने का सपना पूरा हो पाएगा.