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जयपुर: जिला स्तरीय अधिकारियों की प्रभारी सचिव के साथ हुई बैठक, लगी क्लास

इस दौरान सरकार की योजनाओं की समीक्षा के साथ मौसमी बीमारियों की रोकथाम, मॉनसून पूर्व की तैयारियां, पानी की सप्लाई, बिजली, सड़क, आवास, खाद्य सुरक्षा योजना और वृक्षारोपण, शिकायतों और निस्तारण पर चर्चा हुई. 

जयपुर: जिला स्तरीय अधिकारियों की प्रभारी सचिव के साथ हुई बैठक, लगी क्लास
प्रभारी सचिव ने बिना तैयारी के मीटिंग में आने वाले अधिकारियों को चेतावनी दी.

जयपुर: जयपुर जिला प्रभारी सचिव की जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ शुक्रवार को बैठक हुई. इस दौरान सरकार के योजनाओं की समीक्षा की गई. इसके साथ ही मौसमी बीमारियों की रोकथाम, मॉनसून पूर्व की तैयारियां, पानी की सप्लाई, बिजली, सड़क, आवास, खाद्य सुरक्षा योजना और वृक्षारोपण, शिकायतों और निस्तारण पर चर्चा हुई. बैठक में पीएचईडी के पानी सप्लाई के आंकडों में लीकेज सामने आया तो बिना कैरोसीन पानी से पनप रहे मच्छरो पर कैसे काबू पाया जाए इसे ढूंढने में चिकित्सा विभाग के अधिकारी खोजबीन करते हुए नजर आए.

जिला प्रभारी सचिव सुबोध अग्रवाल की अधिकारियों के साथ बैठक में टी लार्वा एक्टिविटी शुरू नहीं होने का मुद्दा उठा. चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बैठक के दौरान दिए की कैरोसीन नहीं मिलने के कारण एंटी लार्वा एक्टिविटी शुरू नहीं होने का हवाला देते हुए अपने हाथ खड़े कर दिए. जिसके बाद प्रभारी सचिव ने कहा कि क्या कैरोसीन नहीं मिलेगा तो लोग बीमार होते रहेंगे. ये काम भी आम लोगों को खुद करना पड़ेगा. द्रव्यवती नदी का पानी भी लोग साफ करेंगे. प्रभारी सचिव ने जब अधिकारियों की क्लास लगाई तब मामला सुलझा.

बैठक के दौरान चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने सचिव को बताया की डेंगू के मच्छर साफ पानी में तो मलेरिया के ठहरे हुए पानी में पनपते हैं. ऐसे में द्रव्यवती का पानी लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है.

उधर, बैठक में जलदाय विभाग के आंकडों के संबंध में की गई पूछताछ का जवाब अधिकारी नहीं दे पाएं. पीएचईडी के अधिकारियों ने बताया की जयपुर में 525 एमएलडी पानी की जरुरत है. लेकिन जलदाय विभाग 510 एमएलडी पानी ही सप्लाई कर पा रहा है. जहां सप्लाई नहीं हो रही है वहां निजी टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई की जा रही है. मापदंडों के अनुसार 33 लाख की आबादी पर प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी की सप्लाई की जा रही है. 

जब प्रभारी सचिव ने लीकेज के संबंध में पूछताछ की तो जलदाय विभाग के अधिकारी जवाब नहीं दे पाए. बैठक के दौरान वन विभाग के अधिकारियों से व़ृक्षारोपण को लेकर चर्चा हुई. इस दौरान कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.

प्रभारी सचिव ने बिना तैयारी के मीटिंग में आने वाले अधिकारियों को बाहर करने की हिदायत दी. उन्होंने कहा की मैं खानापूर्ति के लिए नहीं आया हूं. सब कुछ नोट कर लिया है. कोई भी गलत सूचना न दें. बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को ऑफिस में बैठने की बजाय आम जनता के बीच रहकर काम करने की हिदायत दी.