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जोधपुर: शहर में उपद्रव के बाद शांति समिति की बैठक जारी, पुलिस के आलाधिकारी हैं मौजूद

आपको बता दें कि, शहर के सूरसागर के व्यापारियों के मोहल्ले में दो दिन पूर्व दो समुदाय के बीच विवाद हो गया था. जिसके बाद रविवार शाम को एक पक्ष पर पथराव किया गया. जिसके बाद नाराज भीड़ ने कई घरों और वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया. 

जोधपुर: शहर में उपद्रव के बाद शांति समिति की बैठक जारी, पुलिस के आलाधिकारी हैं मौजूद
शनिवार रात को जोधपुर में दो गुटों के बीच पथराव की घटना हुई थी. (फाइल फोटो)

अरुण हर्ष/भवानी सिंह, जोधपुर: जोधपुर के सूरसागर इलाके में दो दिन पूर्व दो समुदाय के कुछ युवकों के बीच हुए झगड़े के बाद शनिवार को फिर से तनाव बढ़ गया. दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव हुआ है. घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पुलिस तत्काल पहुंची. फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है. वहीं, रविवार को सुरसागर थाने में पुलिस के आलाधिकारियों की मौजूदगी में शांति समिति की बैठक चल रही है, जहां दोनों पक्षों के लोग मौजूद हैं. 

बता दें, शनिवार रात घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस बल पर भी उपद्रवियों ने पथराव किया था. इस दौरान कई पुलिसकर्मी भी चोटिल हो गए. मामला गंभीर होता देख पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. जिसके बाद इलाके में भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है. पुलिस ने एतिहातन आधा दर्जन युवकों को हिरासत में लिया है. 

दो दिन पूर्व भी हुआ था विवाद
आपको बता दें कि, शहर के सूरसागर के व्यापारियों के मोहल्ले में दो दिन पूर्व दो समुदाय के बीच विवाद हो गया था. जिसके बाद रविवार शाम को एक पक्ष पर पथराव किया गया. पथराव की घटना से नाराज भीड़ ने कई घरों और वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया. घटना के बाद इलाके में रहने वाले लोगों के बीच भय है. 

पुलिस के आलाधिकारी स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पहुंचे
रविवार को घटना की जानकारी के मिलने के बाद पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसेफ, डीसीपी सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे. जिसके बाद यहां पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता, आरएसी, एसटीएफ को तैनात कर गश्त शुरू की गई. इन सब के बीच शहर में अफवाहों का दौर भी जारी था. इसके अलावा पुलिस अधिकारियों को पथराव की भी शिकायतें मिल रही थी.

स्थानीय लोग पुलिस को मान रहे जिम्मेदार
बताया जा रहा है कि स्थानीय राजकीय स्कूल में पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया. इसके अलावा उपद्रवियों पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए. वैसे स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के कारण यह घटना हुई. पुलिस के आलाधिकारी अगर सचेत रहते तो घटना को रोका जा सकता था. पुलिस की खुफिया तंत्र भी पूरी फेल नजर आई. तनाव के बावजूद इलाके में अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया.