राजस्थान: निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारी में जुटी बीजेपी, विस्तारकों से किया मंथन

बैठक के बाद विस्तारकों के चेहरे उतरे हुए दिखे जिसका कारण उन्हें मिली बाइक को वापस लेना रहा.

राजस्थान: निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारी में जुटी बीजेपी, विस्तारकों से किया मंथन
इस दौरान पदाधिकारियों ने चुनावी अनुभव साझा किए. (फाइल फोटो)

जयपुर: भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनावों में बड़ी जीत का जश्न मना रही है. इस दौरान बीजेपी सांसद अपने संसदीय क्षेत्र में जाकर धन्यवाद यात्रा कर रहे हैं, वहीं संगठन जीत के सहभागियों का सम्मान कर रही है. इसके साथ ही राजस्थान बीजेपी ने आगामी निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू कर दी.

प्रदेश भाजपा मुख्यालय में शनिवार को विस्तारकों की अहम बैठक हुई. बैठक में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी, प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री वी सतीश मौजूद रहे. 

निकाय और पंचायत चुनाव तक लोकसभा चुनाव की जीत को कायम रखने के लिए प्रदेशभर के विस्तारों के साथ बैठक की गई. जिसमें पदाधिकारियों ने विस्तारकों से चुनावी अनुभव साझा किए. बैठक के बाद विस्तारकों को नई जिम्मेदारी भी दी गई. 

संगठन की दिखी ताकत
भाजपा प्रदेश कार्यालय में विस्तारकों की बैठक को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन लाल सैनी ने संबोधित करते हुए कहा कि संगठन की ताकत से विपक्ष जीरो पर आउट हुआ हैं. विस्तारकों ने पूरी मेहनत से अपना काम किया हैं. अब इनको नया टास्क दिया जाएगा.

विस्तारकों से बाइक ली गई वापस 
बैठक में जीत की खुशी के बावजूद कुछ विस्तारकों के चेहरे बुझे नजर आए. इसकी वजह संगठन का एक फैसला रहा. संगठन चुनावी सीजन में विस्तारकों को दी गई सौ सीसी क्षमता की मोटरसाइकिल अब वापस ले रहा हैं. इन विस्तारकों को उम्मीद थी कि चुनाव बाद भी मोटरसाइकिल की सवारी करने का आनंद उन्हें मिलता रहेगा. 

नए टास्क पर मंथन
प्रदेश भाजपा संगठन ने बंद कमरे में विस्तारकों को पंचायत और निकाय चुनावों से पहले की कार्ययोजना की जानकारी दे. संगठन को उम्मीद हैं कि लोकसभा चुनाव के बाद मतदाताओं का रुझान भाजपा के पक्ष अधिक हुआ हैं, कांगेस और भाजपा के मतों का जो बड़ी अंतर दिखा उसे अगले चुनावों में भी बरकरार रखा जाए, इसके लिए सक्रिय कार्यक्रमों का आयोजन भी होगा.

प्रदेश संगठन के बड़े पदाधिकारी इस संबंध में प्रभावी कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं, इसमें कांग्रेस की गुटबाजी और उनकी नाकामी का लाभ उठाना भी शामिल हैँ. भाजपा संगठन ने अपने क्षत्रपों को साफ कहा हैं कि सत्तारूढ़ पार्टी के ही स्थानीय चुनावों में जीतने के मिथक को इस बार तोड़ना होगा.