सिरोही: साइकिल यात्रा से महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की मुहिम में जुटे तीन नौजवान

 सिरोही के रणछोड़ देवासी समेत तीन युवा साइकिल यात्रा के जरिए समाज को संदेश देने निकल पड़े हैं. तीनों महिला सुरक्षा के प्रति समाज को जागरुक कर रहे हैं.   

सिरोही: साइकिल यात्रा से महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की मुहिम में जुटे तीन नौजवान
महिला सुरक्षा के लिए तीन नौजवानों की साइकिल यात्रा

सिरोही: देशभर में महिलाओं के साथ में होने वाली छोटी-बड़ी आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए देश के तीन युवाओं ने पहल शुरू की है. तीनों युवा देशभर में अलख जगाने साइकिल से निकल पड़े हैं. सिरोही के वाटेरा निवासी रणछोड़ देवासी, वसावा से योगेश रावल ने इस पहल की शुरूआत दिल्ली के इंडिया गेट से की थी, जोकि राजस्थान के अलवर, भिवाड़ी, अजमेर, मेड़ता सिटी, नागौर, जोधपुर, पुष्कर, पाली से होते हुए माउंट आबू पहुंची.इन युवाओं का मकसद देश के सभी राज्यो में जाकर 'रेप मुक्त भारत' का संदेश देना है. इसके लिए ये 30 हजार किलोमीटर की साईकिल यात्रा पर निकले हैं. सामान्य परिवारों के इन तीनों युवाओं में पीयूष फूड क्वालिटी ऑफिसर की जॉब छोड़कर मिशन पर निकल पड़े हैं, तो रणछोड़ देवासी और योगेश रावल ने भी अपनी नई-नई नौकरी छोड़कर इस मिशन को ही अपना लक्ष्य बना लिया है.
इन युवाओं का कहना है कि निर्भया कांड के बाद पूरे देश में एक जन जागृति का माहौल बना था, बावजूद इसके देश के तमाम हिस्सों में आज भी महिलाओं के साथ अपराध के तमाम मामले सामने आ रहे हैं. आए दिन सामने आने वाले अपहरण, रेप और हत्या के मामले देश को हिलाकर रख देते हैं. फिर भी सामाजिक ताने-बाने की संरचना और  नाम खराब हो जाने के डर से ही ऐसी कई घटनाएं बाहर नहीं आ पाती. इन युवाओं का कहना है कि पूरे देश में फॉरेंसिक लैब की भी वो मांग करेंगे. साथ ही हर महिला कॉलेज और विद्यालयों के एंट्रेंस गेट पर सीसीटीवी लगवाने की पहल भी राज्य की सरकारों से करेंगे.