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पुष्कर में बेखौफ हैं खनन माफिया, धड़ल्ले से दे रहे अवैध खनन को अंजाम

अवैध खनन नहीं रोका तो जल्द ही थार शहर की सीमा में प्रवेश करने में कामयाब हो जाएगा. अरावली पर्वत के बढ़ते अवैध खनन से थार के रेगिस्तान का विस्तार आने वाले समय में बड़ी परेशानी बनकर सामने आएगा. 

पुष्कर में बेखौफ हैं खनन माफिया, धड़ल्ले से दे रहे अवैध खनन को अंजाम
प्रतीकात्मक तस्वीर

पुष्कर: खनन माफियाओं के हौसले अब इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वो दिन दहाड़े पुष्कर के पहाड़ों में ब्लास्ट कर धड़ल्ले से अवैध खनन करने लगे है. बुधवार शाम को पुरोहिता पहाड़ी, जो अरावली पर्वत माला के पांच मुख्य प्राकृतिक महत्व रखने वाले पर्वतो में से एक है पर एक के बाद एक तीन धमाकों के शोर से सनसनी फैल गई. 

कुछ देर बाद धमाको के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे. आर्श्चय की बात यह है कि पूर्व में हुई तमाम शिकायतों के बावजूद ज़िला प्रशासन और खनन विभाग इन खनन माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में अक्षम साबित हुआ है. पुष्कर अवैध खनन माफिया अरावली पर्वतमाला में थार के लिए बड़ा द्वार खोल रहे हैं. थार को रोक रही इस पर्वतमाला के एक बड़े हिस्से को तेजी से काटा जा रहा है. 

अवैध खनन नहीं रोका तो जल्द ही थार शहर की सीमा में प्रवेश करने में कामयाब हो जाएगा. अरावली पर्वत के बढ़ते अवैध खनन से थार के रेगिस्तान का विस्तार आने वाले समय में बड़ी परेशानी बनकर सामने आएगा. खनन माफियाओं ने अजयसर से खरेखड़ी और पुष्कर की ओर जाने वाले रास्ते के दोनों तरफ ऊंचे-ऊंचे पठारों को समतल कर दिया, खनन की रफ्तार यही रही तो निकट भविष्य में घातक परिणाम भुगतने होंगे. 

तीर्थ नगरी पुष्कर की पहचान एक ऐसी नगरी से की जाती है जहां पर आपको ना केवल सरोवर मिलेगा साथ ही रेत के टीबे और सबसे आकर्षण का केंद्र अरावली पहाड़ी की पर्वतमाला. ऐसे ही नजारे को देखने के लिए सात समुंदर पार से विदेशी पर्यटक पुष्कर की आकर्षक लगने वाली पहाड़ियों को देखने पुष्कर आते है लेकिन पहाड़ियों की सुंदरता बिगाड़ने का कार्य अब खनन माफिया करने लगे है. खनन माफिया बेधड़क धरती माता का सीना चीर कर दिन रात पहाड़ियों से अवैध खनन कर इसकी सुंदरता बिगाड़ने में लगे हुए हैं. खनन माफिया बारूद के ढेर लगाकर चंद पैसों की खातिर पहाड़ो का सीना चीर कर प्रकृति की इस देन को मिटाने में लगे है.