close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

जयपुर: विधानसभा में मंत्री का बयान, पंजाब से अपने हक का पानी लेगा राजस्थान

राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान पेयजल के मुद्दे पर भी सवाल सामने आए. पौंग बांध और इंदिरा गांधी नहर परियोजना से पानी मिलने के सवाल सदन में उठे. 

जयपुर: विधानसभा में मंत्री का बयान, पंजाब से अपने हक का पानी लेगा राजस्थान
मंत्री ने प्रश्नकाल के दौरान सदन में जानकारी दी. (प्रतीकात्मक फोटो)

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान पेयजल के मुद्दे पर भी सवाल सामने आए. पौंग बांध और इंदिरा गांधी नहर परियोजना से पानी मिलने के सवाल सदन में उठे. 

इस दौरान राजस्व एवं कृषि सिंचित क्षेत्र विकास मंत्री हरीश चौधरी ने सदन में कहा कि राजस्थान को पौंग बांध से समझौते अनुसार मिलने वाले 6.99 एमएएफ पानी के पेटे वर्तमान में 6.00 एमएफ पानी ही मिल रहा है. शेष 0.99 एमएफ पानी के लिए राज्य सरकार द्वारा बोर्ड एवं अन्य सम्बन्धित मंचों पर राज्य का पक्ष मजबूती से रखते हुए मांग की जा रही है.

उन्होंने बताया कि पौंग बांध के विस्थापितों में से जमीन आवंटन से शेष रहे विस्थापितों को जमीन आवंटन का भौतिक कब्जा नहीं दिया जा सकता. राजस्थान सरकार को हिमाचल प्रदेश सरकार से अब तक 13 हजार 483 पात्रता प्रमाण पत्र प्राप्त हुए है. जिसमें से 12 हजार 16 प्रकरणों में आवंटन किया जा चुका है. शेष 1467 प्रकरण विचाराधीन है. 

पानी मिलेगा तो होगा नहरों का विस्तार
इंदिरा गांधी नहर परियोजना मंत्री उदयलाल अंजना ने विधानसभा में कहा कि पंजाब से अपने हिस्से का 0.6 एमएएफ पानी प्राप्त करने के लिए भारत सरकार व पंजाब सरकार से निरन्तर बातचीत की जा रही है. जब तक पंजाब से राज्य के हिस्से का शेष पानी प्राप्त नहीं होता, तब तक नहरों का विस्तार किया जाना संभव नहीं है. 

शून्यकाल में विधायक श्री अमीन खां के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुये बताया कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना में जल उपलब्धता के आधार पर सिंचित क्षेत्र 19 लाख 67 हजार हेक्टेयर अनुमानित किया गया था. 

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य के हिस्से का पूरा पानी नहीं देने के कारण वर्ष 2005 में सिंचित क्षेत्र 16 लाख 17 हजार हेक्टेयर तक सीमित कर दिया गया. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पंजाब से 0.6 एमएएफ शेष पानी लेने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं.