कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने किया IIM शिलांग के कृषि विद्यार्थियों से डिजिटल संवाद

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने शुक्रवार को आईआईएम शिलांग द्वारा आयोजित 'हॉर्टिकल्चर सिम्पोजियम-2020' में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डिजिटल संवाद किया. 

कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने किया IIM शिलांग के कृषि विद्यार्थियों से डिजिटल संवाद
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी

मनोहर विश्नोई, दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने शुक्रवार को आईआईएम शिलांग द्वारा आयोजित 'हॉर्टिकल्चर सिम्पोजियम-2020' में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डिजिटल संवाद किया. कैलाश चौधरी ने कृषि विद्यार्थियों एवं वैज्ञानिकों से कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने व किसानों की कठिनाइयां कम करने  के लिए नई तकनीक इजाद करने 
पर आह्वान किया. 

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कैलाश चौधरी ने कहा कि देश के वैज्ञानिकों के समक्ष आने वाले समय में बढ़ती आबादी को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने की बड़ी चुनौती रहेगी. उन्होंने कहा कि खाद्यान्न के मामले में भारत न केवल आत्मनिर्भर है, बल्कि अधिशेष उत्पादन की स्थिति में है. चौधरी ने कहा कि भारत के किसान किसी भी कठिन चुनौती का सामना करने में सक्षम है. हमारे सामने आबादी बढ़ने की चुनौती है, वर्ष 2050 में देश की जनसंख्या 160 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है. इसलिए  इतनी आबादी को अन्न उपलब्ध करवाना बड़ी चुनौती होगी.

चौधरी ने कहा कि खेती क्षेत्र में बड़ा निवेश लाने के संबंध में प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि आधारभूत संरचना के लिए एक लाख करोड़ रूपए का प्रावधान किया है. इसके साथ ही मत्स्य पालन, पशुपालन, हर्बल खेती, मधुमक्खी पालन, फूड प्रोसेसिंग आदि सब क्षेत्रों में भारत एक बड़ी छलांग लगाए, इस बात का प्रबंध करोड़ों रू. के पैकेज के माध्यम से करने की कोशिश की है. कृषक सबसे बड़ा उत्पादनकर्ता है, कृषि में निजी क्षेत्र का निवेश आने पर खेती का क्षेत्र बुलंदियों पर होगा.
 
कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि खेती के क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए किसानों के साथ ही कृषि विद्यार्थियों एवं वैज्ञानिकों ने बहुत अच्छा प्रयत्न किया है. किसान आधुनिक प्रौद्योगिकी अपनाकर, बदलती जलवायु के अनुरूप खेती के श्रेष्ठ तरीके अपनाए जाएं. कम पानी में अधिक, गुणवत्तापूर्ण उपज की पैदावार पर ध्यान देने की जरूरत है.

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