विधानसभा में सवाल का सीधा जवाब न देने पर इन मंत्रियों को पड़ी स्पीकर की डांट

विधायकों की ओर से लगाए गए प्रश्नों के सही जवाब नहीं दिए जाने पर स्पीकर सीपी जोशी ने मंत्रियों पर सख्ती दिखाई. 

विधानसभा में सवाल का सीधा जवाब न देने पर इन मंत्रियों को पड़ी स्पीकर की डांट
स्पीकर सीपी जोशी ने मंत्रियों पर सख्ती दिखाई.

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को भी स्पीकर सीपी जोशी प्रश्नकाल में सख्त नजर आए. विधायकों की ओर से लगाए गए प्रश्नों के सही जवाब नहीं दिए जाने पर स्पीकर सीपी जोशी ने मंत्रियों पर सख्ती दिखाई. सटीक जवाब नहीं मिलने पर स्पीकर ने खुद आगे बढ़कर प्रश्नकर्ता के सवाल को स्पष्ट करते हुए मंत्रियों को हिदायत दी कि इधर-उधर की बातों के बजाय जो वास्तव में पूछा गया है उसी का ही मंत्री जवाब दें.

इन मामलों में घिरे मंत्री
प्रश्नकाल के पहले ही सवाल में संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल जब सटीक जवाब नहीं दे पाए तब विधानसभा अध्यक्ष ने उनसे कहा कि बातें दोहराने की बजाय आप सीधा जवाब दें. अध्यक्ष ने कहा सेवानिवृत कर्मचारियों के पेंशन में देरी के चलते सरकार को 50 लाख ब्याज देना पड़ा तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई. इससे जुड़े प्रश्न के जवाब में धारीवाल ने देरी का कारण चुनाव में ज्यादातर ड्यूटी कनिष्ठ लेखाकारों की होने और पद रिक्त होने को बताया. कहा कि यदि यह साबित हो जाए कि देरी के लिए कर्मचारी उत्तरदायी है तो नियम के अनुसार कार्रवाई की जाती है. उन्होंने आंकड़े बताते हुए कहा फिक्सेसन के 1865 प्रकरण बकाया है, जिनमें 2020 में 852 प्रकरण और जुड़े हैं. सेवानिवृत्ति के 6 माह बाद पीपीओ जारी होता है तो 9 प्रतिशत का ब्याज दिया जाता है, जिसके तहत 24 कर्मचारियों को 24 लाख 27 हजार रुपए दिए गए. संदीप शर्मा के सवाल पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने पूरक प्रश्न करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की सूची मांगी थी.

वहीं, डूंगरपुर जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बसों के पुन संचालन से जुड़े गणेश घोघरा के सवाल पर मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास इधर उधर बातों को घुमाने लगे. उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवहन सेवा की एक दिन नहीं 5 साल में हालत खराब हुई. इस पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने साफ कहा कि गोलमाल जवाब देने की बजाय खाचरियावास अगर यह बताएं कि ग्रामीण परिवहन बस सेवा के तहत पहले कितनीं बसें चल रही थी और अब कितनी बसें चल रही हैं, कितनी बसों को बंद कर दिया गया. इस पर मंत्री संख्या देने की बजाय तथ्यात्मक जानकारी देते रहे, जिस पर नाराज होकर स्पीकर जोशी ने पहले तो चेतावनी दी और फिर कहा कि आप एक लाइन में सीधे बताएं कि बसें चलाएंगे या नहीं. इसके बाद भी जवाब नहीं दिया तो अगले प्रश्नकर्ता का नाम पुकार लिया. इस पर मंत्री खाचरियावास ने कहा एक एक नाम लेने की बजाय मैं गिनकर  बता देता हूं. पहले इनके चिल्लाने का तो जवाब दूं.

सलूम्बर में बीपीएल परिवार के बालकों के निजी स्कूल में प्रवेश से जुड़े अमृतलाल मीणा के सवाल पर मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने यह तो बता दिया कि 138 करोड 47 लाख की राशि का भुगतान नहीं हुआ, लेकिन पिछली सरकार की ओर से बकाया छोडे जाने का आरोप लगाने लगे. इस पर स्पीकर सीपी जोशी ने उनसे सीधे सीधे सवाल का सीधा सीधा जवाब देने को कहा. आखिरकार डोटासरा को यह कहना पडा 302 बकाया बच्चों का पेमेंट अप्रैल में कर दिया जाएगा.

जब जवाब नहीं दे पाए सीनियर मंत्री तो सवाल स्थगित
बिहारी लाल ने जोधपुर विद्युत वितरण निगम से जुड़ा सवाल पूछा था सौर उर्जा गृह कि दर कम करने की योजना है क्या. इस पर उर्जा मंत्री कल्ला ने यह तो जवाब दे दिया कि 3.14 रुपए प्रति यूनिट की भुगतान व्यवस्था को बंद कर दिया है, लेकिन प्रश्नकर्ता को भेजे विस्तृत जवाब में दिए परिशिष्ठ में दूसरा पेज गायब मिला. जब विधायक ने इस पर आपत्ति की तो मंत्री सकपकाते हुए यही कहते रहे कि किसी कारण से पेज गायब हो गया. इस पर स्पीकर ने कल्ला के सीनियर मंत्री होने के बावजूद पूरा जवाब तैयार करके नहीं लाने की बात कही. इसके बाद सवाल स्थगित कर दिया.

स्पीकर ने न सिर्फ सीधे सवाल का सीधा उत्तर नहीं देने वाले मंत्रियों को ही डांटा बल्कि प्रश्नकर्ता विधायकों को भी सीधा प्रश्न करने की हिदायत दी और सीधा प्रश्न नहीं कर पाने के चलते ओमप्रकाश हुडला को डांटते हुए अगले सवाल के लिए नाम पुकार लिया.