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जयपुर: विधायक निधि के आवंटन को लेकर वित्त विभाग में मची हलचल, सरकार से लगानी पड़ी गुहार

दरअसल विभाग को कुछ जगहों से एमएलए लैड फंड का पैसा रिलीज़ नहीं होने की शिकायतें लगातार मिल रही है.

जयपुर: विधायक निधि के आवंटन को लेकर वित्त विभाग में मची हलचल, सरकार से लगानी पड़ी गुहार
एमएलए लैड फंड का पैसा रिलीज़ नहीं होने की शिकायतें मिल रही थी. (फाइल फोटो)

जयपुर: प्रदेश के वित्त विभाग में काफी हलचल बढ़ चुकी है. इस हलचल का कारण प्रदेश के विधायकों को आवंटित होने वाली निधि कोष के पैसे को लेकर है. दरअसल विभाग को कुछ जगहों से एमएलए लैड फंड का पैसा रिलीज़ नहीं होने की शिकायतें लगातार मिल रही है.

वैसे राजस्थान के विधायकों ने एमएलए लैड फण्डा का पैसा बढ़ाने की मांग भी उठाई है. विधायकों की मांग है कि आवंटित होने वाली धनराशि को सवा दो करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ करने किया जाए. लेकिन विधायकों को अपने फंड की वित्तीय स्वीकृति के लिए भी सरकार को याद दिलाना पड़ रहा है.

मिल रही थी शिकायतें
दरअसल कुछ जगहों से एमएलए लैड फण्डा का पैसा रिलीज़ नहीं होने की शिकायत आ रही थी. जिसके बाद वित्त विभाग ने ग्रामीण विकास विभाग से इससे संबंधित फाइल मंगा ली है.

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नेता प्रतिपक्ष ने सीएम को लिखी थी चिट्ठी
बताया जा रहा है फंड रिलीज करने के लिए नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने सरकार के मुखिया को चिठ्ठी लिखी. जिसके बाद वित्त विभाग हरकत में आया. कटारिया का कहना था कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही विधायक निधि कोष के पैसे को लेकर मंजूरी नहीं मिली है.

विकास कार्य में आ रही है बाधा 
कटारिया ने कहा कि विधायक अपने क्षेत्र में विकास कार्यों की स्वीकृतियां तो दे रहे हैं. लेकिन सरकार से पैसे रिलीज़ नहीं होने के चलते काम ही नहीं हो पा रहे हैं.

उठ रहे सवाल
उन्होंने यह भी कहा कि मामला गंभीर इसलिए भी है. क्योंकि सरकार बनने के नौ महीने बाद भी पैसा नहीं आ रहा. इस दौरान उन्होंने सरकार से सवाल भी किए. उन्होंने कहा कि ऐसे में कब वित्तीय स्वीकृतियां जारी होंगी और कब यह काम होंगे?

विधायक सरकार की नीयत पर उठा रहे सवाल
बीजेपी विधायक रामलाल ने इस मामले में सरकार के कामकाज के तौर-तरीके के साथ ही नीयत पर भी सवाल उठाये हैं. रामलाल ने कहा कि सरकार ने विधायक कोष की रकम इस बार नहीं बढ़ाई तो कोई बात नहीं. लेकिन जितना पैसा पहले से तय है उतना तो रिलीज़ कर ही दिया जाना चाहिए था.

सरकार पर मढ़ा आरोप
बीजेपी विधायक ने कहा कि सरकार न तो सामाजिक सुरक्षा पेन्शन दे पा रही है, न पेन्शनर्स को दवाई का भुगतान हो रहा है. इसके अलावा बेरोजगारों को भी सही समय पर भत्ता नहीं मिल पा रहा है. रामलाल ने कहा कि सरकार सिर्फ वेतन का भुगतान करने के अलावा और कोई काम नहीं कर रही.

इन विधायकों की अलग है राय
इस मामले में निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर और माकपा के बलवान पूनिया बीजेपी विधायकों से इक्तेफाक नहीं रखते. विधायक नागर ने कहा कि ज़िला परिषद से उनके पास विधायक निधि कोष की स्वीकृतियों के लिए पत्र आया है.

वहीं, माकपा विधायक बलवान पूनिया ने कहा कि उनके क्षेत्र में तो प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने का काम भी हो चुका है.