बजट की कमी के चलते राजस्थान में लागू नहीं हो पाया आंध्र प्रदेश वाला मनरेगा प्रोजेक्ट!

राजस्थान मनरेगा में रोजगार देने के मामले में देश में नंबर वन है लेकिन केंद्र सरकार बजट जारी नहीं करती है तो राज्य सरकार रोजगार की गारंटी कैसे दे पाएगी?

बजट की कमी के चलते राजस्थान में लागू नहीं हो पाया आंध्र प्रदेश वाला मनरेगा प्रोजेक्ट!
10 महीने बाद ये प्रोजेक्ट फाइलों में दबकर रह गया है.

जयपुर: आंध्र प्रदेश की तर्ज राजस्थान (Rajasthan) में शुरू होने वाली मनरेगा (MGNREGA) स्कीम अधर झूल में अटक गई है. इस प्रोजेक्ट के तहत बुजुर्गों और दिव्यांजनों को 50 दिन का अतिरिक्त रोजगार देने की योजना शुरू होनी थी लेकिन 10 महीने बाद ये प्रोजेक्ट फाइलों में दबकर रह गया है.

बताया जा रहा है कि बजट की कमी के चलते यह योजना राजस्थान में लागू नहीं हो पाई. मनरेगा की इस योजना के लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने पूरी तैयारी भी कर ली थी लेकिन बजट के अभाव में यह प्रोजेक्ट फाइलों में सिमट गया है. ऐसे में अब प्रदेश भर के दिव्यांगों और बुजुर्गों को अतिरिक्त रोजगार का इंतजार है.

150 दिन का रोजगार मिलना था
केंद्र सरकार की नरेगा योजना के तहत 100 दिन का रोजगार मिलना है लेकिन राजस्थान में दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए 50 दिन का अतिरिक्त रोजगार देने की योजना तैयार की गई थी. इसमें 60 वर्ष या अधिक के बुजुर्गों और दिव्यांजनों को कुल 150 दिन का रोजगार दिया जाना था. आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए इस योजना को तैयार किया जा रहा था. इस योजना के तहत बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को अलग से रोजगार कार्ड भी जारी होता.

राज्य कोष से होगा अतिरिक्त रोजगार का भुगतान
नरेगा योजना में 50 दिन के अतिरिक्त रोजगार की राशि का भुगतान राज्य कोष से किया जाना था. इस योजना के लिए डिप्टी सीएम सचिन पायलट पहले ही घोषणा कर चुके हैं लेकिन विभागीय स्तर पर इस योजना को राजस्थान में अब तक लागू नहीं किया है.

मनरेगा की मुख्य योजना के लिए ही बजट नहीं
केंद्र सरकार द्वारा संचालित नरेगा योजना के लिए ही सरकार के पास बजट नहीं पहुंचा है. इस संबंध में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बजट आवंटित करने का आग्रह किया है. नरेगा योजना में केंद्र सरकार को 1950 करोड़ का भुगतान करना है. 

सबसे खास बात ये है कि राजस्थान मनरेगा में रोजगार देने के मामले में देश में नंबर वन है लेकिन केंद्र सरकार बजट जारी नहीं करती है तो राज्य सरकार रोजगार की गारंटी कैसे दे पाएगी?