टोंक: पायलट के गृह जिले में MNREGA श्रमिकों का विरोध प्रदर्शन जारी, कहा...

परेशान श्रमिक लगातार सरकारी दफ्तरों के बाहर अपना विरोध जता रहे हैं. लेकिन उनकी कोई सुन नहीं रहा है.

टोंक: पायलट के गृह जिले में MNREGA श्रमिकों का विरोध प्रदर्शन जारी, कहा...
परेशान श्रमिक लगातार सरकारी दफ्तरों के बाहर अपना विरोध जता रहे हैं.

पुरूषोत्तम जोशी/टोंक: राजस्थान के उपमुख्यमंत्री और राजस्थान कांग्रेस चीफ सचिन पायलट (Sachin Pilot) के गृह जिले टोंक में मनरेगा (MNREGA) श्रमिकों की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. जिसके चलते परेशान श्रमिक लगातार सरकारी दफ्तरों के बाहर अपना विरोध जता रहे हैं. लेकिन उनकी कोई सुन नहीं रहा है.

अब टोडारायसिंह ग्राम पंचायत थडोली में नरेगा श्रमिक काम की राशि कम मिलने से नाराज होकर नरेगा कार्य करने वाली महिलाओं द्वारा घमला,फावड़ा व गेती लेकर पंचायत समिति टोडारायसिंह पहुंच गए और विकास अधिकारी के कार्यालय के बाहर हंगामा किया. इस दौरान, उन्होंने तकनीकी सहायक पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए काम का बहिष्कार किया.

वहीं, महिलाओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि, हम सुबह 6 बजे नरेगा का काम करने पहुंच जाते है और 6×6 व 1 फीट की खुदाई करवाई जाती है और 12 बजे काम पर से छोड़ा जाता है. फिर भी 50-60 रुपए ही मजदूरी दी जाती है. जबकि सरकार की तरफ से नरेगा मजदूरी 200 रुपए से ज्यादा है और महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों को ज्यादा मजदूरी दी जाती है, जबकि काम बराबर करवाया जाता है. जिसके कारण सभी नरेगा मजदूर महिलाओं में रोष व्याप्त है.

इस पर विकास अधिकारी नीता पारीक व तहसीलदार मनमोहन गुप्ता ने समझाकर आश्वासन दिया कि, एईएन से नाप करवा कर सभी को जायज पैसा दिलवाया जाएगा. हालांकि, आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ और सभी महिलाओं को घर भेजा गया.

वहीं, खाजूवाला पंचायत समिति क्षेत्र में भी मनरेगा कार्य मे धांधली को लेकर ग्रामीणों का रोष लगातार बढ़ता जा रहा है. ग्राम पंचायत 22केवाईडी के ग्रामीणों ने मनरेगा में पूरी मजदूरी नहीं आने सहित रोजगार देने की मांग को लेकर विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है.

ग्राम पंचायत 22केवाईडी के ग्रामीणों ने विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि 22केवाईडी ग्राम विकास अधिकारी के द्वारा मजदूरों से होने वाले काम को, ट्रेक्टर ट्रॉली व जेसीबी (JCB) की सहायता से करवाया जा रहा है. जिसकी वजह से मजदूरों को काम नहीं मिलता है और उनकी मजदूरी भी पूरी नहीं आती.

इस पर विकास अधिकारी रामचंद्र मीणा ने तुरंत प्रभाव से कमेटी बनाकर मामले की जांच करवाने के आदेश दिए. बता दें कि, पंचायत समिति खाजूवाला में मनरेगा के तहत आए दिन ग्रामीणों की ओर से शिकायत आ रही है. ऐसे में विकास अधिकारी की ओर से ग्रामीणों को इस मामले की जांच करवा कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया जा रहा है.