राजस्थान के 22 जिलों में केंद्र की नजर, PMGKRY के लिए की 22 अधिकारियों की नियुक्ति

केंद्र सरकार ने अभियान के उद्देश्यों को हासिल करने के लिए प्रदेश में 22 नौकरशाहों को केन्द्रीय नोडल अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया है.

राजस्थान के 22 जिलों में केंद्र की नजर, PMGKRY के लिए की 22 अधिकारियों की नियुक्ति
इस योजना के तहत मजदूरों से उनकी स्किल के तहत काम करवाए जाएंगे.

जयपुर: राजस्थान के 22 जिलों में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान पर केंद्र सरकार की नजर हैं. अभियान के उद्देश्यों को हासिल करने के लिए प्रदेश में 22 नौकरशाहों को केन्द्रीय नोडल अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया है.

इस महत्वकांक्षी योजना की शुरुआत कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के कारण अपने घर गांव लौटे प्रवासी मजदूरों को 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही, ग्रामीण क्षेत्र में सार्वजनिक कार्यों को पूरा करने के अभियान के तौर पर की गई है. शीर्ष अधिकारी के तौर नियुक्त किए गए ये सभी नौकरशाह संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी हैं. इनका चयन विभिन्न सेवाओं से किया गया है.

दरअसल, गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत कामगारों को उनकी रुचि और कौशल के तहत रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध कराने में केंद्र सरकार एक्टिव मोड पर हैं. कोविड-19 के तहत अलग-अलग प्रदेशों से वापस लौटे प्रवासी मजदूरों को उनके कौशल के अनुसार रोजगार से जोड़ने को लेकर खाका तैयार किया जा रहा है.

राजस्थान में सख्त मॉनिटरिंग के लिए केंद्र सरकार ने अलग-अलग विभागों में तैनात ज्वाइंट सेकेट्री स्तर अधिकारियों को 22 जिलों की कमान सौंपी हैं. ये नोडल अधिकारी अभियान के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य सरकार के अधिकारियों और जिला मजिस्ट्रेटों, कलेक्टरों, जिला परिषद सीईओ के साथ मिलकर काम करने में जुट गए हैं.

अलग-अलग विभागों से सूचनाएं जुटाई जा रही हैं. उनके विभाग में किस तरह के काम में मजदूरों की आवश्यकता हैं. किस जिले में कितने प्रवासी दूसरे राज्यों से लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान अपने घर लौटे हैं, उनकी किस काम में रूचि है, इन सभी का खाका तैयार किया जा रहा हैं.

ये सभी अधिकारी डिजिटल नक्शे, वीडियो कन्फ्रेंसिंग के जरिए अपना काम कर रहे हैं. दरअसल, इस अभियान का मकसद हैं कि, प्रवासी मजदूरों को 25 तरह के कार्यों में नियोजित कर 125 दिवस का रोजगार प्रदान किया जाना है. जिससे की वो अपना घर चला सके.
प्रधानमंत्री द्वारा 20 जून को देश के 116 जिलों में इस योजना की शुरुआत हुई है. प्रदेश में जयपुर सहित 22 जिले योजना में शामिल किए गए हैं.

जानकारी के अनुसार, प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए सरकार का तंत्र इस दौरान मिशन मोड में काम कर रहा हैं. योजना का समन्वय 12 मंत्रालय कर रहे हैं, जिसमें ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सड़क परिवहन भी शामिल हैं.

इस योजना के तहत मजदूरों से उनकी स्किल के तहत काम करवाए जाएंगे. जल जीवन मिशन, ग्राम सड़क योजना जैसी कई सरकारी योजनाओं के जरिए प्रवासियों को काम के मौके दिए जाएंगे. सरकार की तरफ से कहा गया था कि, यह अभियान आत्मनिर्भर भारत अभियान का ही एक हिस्सा है.

इस योजना के लिए किसी का आवेदन नहीं करना होगा, राज्य और केंद्र सरकार स्वयं इस योजना के लिए प्रवासी मजदूरों का चयन करेंगी. बहरहाल, अभियान से गांवों का भी विकास होगा. कोरोना महामारी के चलते देशभर से अपने घरों को लौटने के लिए मजबूर हुए कामगारों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है. गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत इन प्रवासी श्रमिकों को उनके कौशल के आधार पर उनके गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.