इसी महीने में मोहर्रम की शुरुआत, हजरत इमाम हुसैन की चौकी की धुलाई की रसम हुई अदा

इस्लामी कैलेंडर के मुताबिक इसी महीने में मोहर्रम की शुरुआत हो गई. चांद दिखाई देने की पर शुक्रवार या शनिवार को चांद रात होगी. 

इसी महीने में मोहर्रम की शुरुआत, हजरत इमाम हुसैन की चौकी की धुलाई की रसम हुई अदा
तारागढ़ पर भी होगी रस्म अदा

मनवीर सिंह, अजमेर: इस्लामी कैलेंडर के मुताबिक इसी महीने में मोहर्रम की शुरुआत हो गई. चांद दिखाई देने की पर शुक्रवार या शनिवार को चांद रात होगी. मोहर्रम की रस्में गुरुवार से शुरू हो जाएगी. चांद रात यानी गुरुवार से ख्वाजा साहब की दरगाह में कव्वालियों का दौर भी चांद की 12 तारीख तक के लिए थम जाएगा. आज मोहर्रम के प्रतीक के रूप में हजरत इमाम हुसैन की चौकी की धुलाई की रसम अदा की गई. इसी दिन शाम को ही मोहर्रम का चांद दिखाई देने के लिए हिलाल कमेटी की बैठक हुई. इस दौरान चांद नजर आया या बयान शहादत और मरसियाख्वानी का दौर शुरू हो जाएगा.

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तारागढ़ पर भी होगी रस्म अदा
तारागढ़ दरगाह इंतजामिया कमेटी के सदर मोहसिन अली सुल्तानी की सदारत में बुधवार को चौकी और मोहर्रम की अन्य रस्मों के आयोजन को लेकर बैठक हुई. सुल्तानी ने कमेटी सदस्यगण हाजी मोहम्मद यूनुस और हाजी शाकिर हुसैन को कन्वीनर बनाया है. सुल्तानी ने कहा कि राज्य सरकार की कोविड-19 को लेकर जारी की गई गाइड लाइन के अनुसार ही चाैकी की रस्म अदा की जाएगी. तारागढ़ के खुद्दाम से भी राज्य सरकार की गाइड लाइन की अनुपालना का आग्रह किया गया है.

हाजी यूनुस ने बताया कि शाम 5 बजे तारागढ़ की शहजादों की मस्जिद में चौकी की धुलाई होगी. इसके बाद दरगाह स्थित इमाम बारगाह में ही रस्म अदा की जाएगी. पासधारी लोग ही इस रस्म में शरीक हो सकेंगे। दौराई में शाम 7.30 बजे बाद चौकी की रस्म होगी. सैयद आसिफ अली ने बताया कि इमाम बारगाह में ही रस्म अदा की जाएगी. जुलूस नहीं होगा. गिने चुने लोग ही रस्म अदा करेंगे.

हिलाल कमेटी की बैठक आज
हिजरी संवत के जिल हिज्ज महीने की 29 तारीख को देखते हुए गुरुवार को मगरिब की नमाज के बाद हिलाल कमेटी की बैठक होगी. शहर काजी मौलाना तौसीफ अहमद सिद्दीकी की सदारत में होने वाली बैठक में मोहर्रम महीने के चांद दिखाई देने का ऐलान किया जाएगा. यदि मोहर्रम का चांद दिखाई दे जाता है, तो रात से ही लंगर खाना स्थित इमाम बारगाह में मर्सियाख्वानी और बयान ए शहादत का दौर शुरू हो जाएगा. चांद नहीं होने की सूरत में अगले दिन से यह कार्यक्रम होंगे.

कव्वालियों का दाैर थमा
दरगाह में बुधवार रात से ही कव्वालियाें का दाैर थम गया. इस बार कोविड-19 के चलते दरगाह में कव्वालियां वैसे ही बंद हैं. केवल खास अवसरों और रात के समय ही कव्वाली हो रही थी. कव्वाली का दौर मोहर्रम के तीजे की फातिहा तक बंद रहता है.

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