श्रीगंगानगर: प्रेमी के साथ भागी मां, बच्चों के साथ हुआ इतना बुरा हश्र

श्रीगंगानगर जिले में एक मां का अपने प्रेमी के साथ भाग जाना उसके 10 वर्षीय बच्चों के लिए जहन्नुम साबित हुआ.

श्रीगंगानगर: प्रेमी के साथ भागी मां, बच्चों के साथ हुआ इतना बुरा हश्र
प्रतीकात्मक तस्वीर

श्रीगंगानगर: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक मां का अपने प्रेमी के साथ भाग जाना उसके 10 वर्षीय बच्चों के लिए जहन्नुम साबित हुआ. अपने प्रेमी के साथ रह रही मां के 10 वर्षीय बच्चे पर प्रेमी ने ना केवल घर और खेत का काम कराया बल्कि मासूम बच्चा जितनी रोटी खाता उतनी ही बार उसके शरीर पर सिगरेट से घाव करता.सबसे दुखद बात यह रही कि प्रेमी युवक के अत्याचार में उस बच्चे की मां ने भी अपनी मौन स्वीकृति दे दी थी जिस वजह से बच्चा अपने साथ हो रहे अत्याचार की खिलाफत नहीं कर पाया. 

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आखिरकार 10 वर्षीय मासूम बच्चा हिम्मत कर कर अपनी मां के प्रेमी के घर से भाग छूटा और श्रीगंगानगर में रह रहे अपने दादा दादी के पास आकर अपने साथ हो रहे उत्पीड़न और जुल्म की जानकारी दी, जिस पर चाइल्डलाइन को सूचना दी गई. चाइल्डलाइन और बाल कल्याण समिति ने सूचना पर बच्चे को अपनी सरंक्षण में लेकर प्रेमी युवक के खिलाफ बाल कल्याण समिति के द्वारा मुकदमा दर्ज करवाया जा रहा है. 

बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एडवोकेट लक्ष्मीकांत सैनी ने बताया कि 10 वर्षीय मासूम बच्चे की मां उसके पति का घर छोड़कर पिछले दो-तीन साल से अपने प्रेमी 20 वर्षीय युवक बलजीत के साथ उसके घर पर रह रही है. उसके साथ उसके तीन बच्चे भी रह रहे हैं. मासूम ने बताया कि मां के प्रेमी युवक के द्वारा उससे काम करवाया जाता है और उसके शरीर पर बीड़ी और सिगरेट से जला कर घाव किए जाते हैं. 

यही नहीं उसकी 7 वर्षीय छोटी बहन से भी घर का काम करवाया जाता है. बाल कल्याण समिति अब उसके दोनों छोटे भाई बहनों को भी अपने संरक्षण में लेने की प्रक्रिया में जुटी हुई है. इधर 10 वर्षीय मासूम ने अपनी मां के साथ जाने से मना कर दिया और अपने दादा दादी के साथ रहने की बात कही है. वहीं, सबसे खास बात यह रही कि जब बाल कल्याण समिति ने उसके सगे पिता, दादा दादी और अन्य रिश्तेदारों को बुलाया तो सभी ने अपनी दिहाड़ी मजदूर खराब होने का हवाला देते हुए आने से मना कर दिया.

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