रेप करने वाले दरिंदों को दी जाए तड़पा-तड़पा कर सजा: शिवराज सिंह चौहान

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री रहते मासूमों के रेप करने वालों को फांसी की सजा देने का कानून बनाया था. निचली अदालतों ने ऐसे 28 दुष्कर्मियों को फांसी भी दी है.

रेप करने वाले दरिंदों को दी जाए तड़पा-तड़पा कर सजा: शिवराज सिंह चौहान
बेटी और बहनों के खिलाफ रेप की घटनाओं ने पूरे देश को हिला दिया है.

हिमांशू मित्तल, कोटा: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) सोमवार को कोटा (Kota) आए. यहां पर उन्होंने निजी विवाह समारोह में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने डीसीएम गेस्ट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान एक बड़ा बयान दिया है.

उन्होंने कहा है कि बलात्कारियों का कोई मानव अधिकार नहीं होता है. उनको सरेराह लटका कर फांसी की सजा दी जाए. इन लोगों को दरिंदों को जिस तरह से यह बेटियों के साथ करते हैं, वैसे ही तड़पा-तड़पा कर मौत दी जाए.
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि रेप की घटनाओं से पूरा देश उद्वेलित है. बेटी और बहनों के खिलाफ रेप की घटनाओं ने पूरे देश को हिला दिया है और इस तरह की घटनाओं को करने वाले सचमुच में दरिंदे हैं. इनके मानव अधिकार नहीं होते हैं. अब समय आ गया है, ऐसे दरिंदों को सख्त सजा दी जाए. कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और मौत की सजा से कम कुछ इनके लिए नहीं हो सकता है. 

एमपी में 28 को फांसी हुई, लटका एक भी नहीं
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री रहते मासूमों के रेप करने वालों को फांसी की सजा देने का कानून बनाया था. निचली अदालतों ने ऐसे 28 दुष्कर्मियों को फांसी भी दी है, लेकिन हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट और महामहिम राष्ट्रपति महोदय के पास अधिकार होता है, ये लोग दया याचिका लगा सकते हैं, इसलिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की प्रक्रिया लंबी होने से 1 दरिंदे को फांसी के फंदे पर लटकाया नहीं जा सका है. जब इन दरिंदों को ये रास्ता मिल जाता है, मौत की सजा का भी कोई अर्थ नहीं रहता है, यह बेखौफ हो जाते हैं. मैं माननीय सर्वोच्च न्यायालय से मांग करता हूं कि जिन दरिंदों को बलात्कारियों को निचली अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है, उनको तत्काल हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट से पुष्टि करते हुए फांसी के फंदे पर लटकाया जाए.

shivraj

बलात्कारियों में खौफ पैदा करना होगा
हैदराबाद की घटना हुई है, ऐसी ही मध्यप्रदेश के पोरसा में भी बेटी को छेड़छाड़ का विरोध किया तो गोली मार दी गई. रोज ऐसी घटनाएं सुन रहे हैं. इस तरह की घटना को अंजाम देने वालों को सरेआम फांसी की सजा पर लटकाना चाहिए और भयानक मौत देनी चाहिए. हम कल्पना कर सकते हैं कि जब बेटियों के साथ इस तरह की वारदात करते हैं, कितनी भयानक तकलीफ यह लोग देते हैं. बेटी को बलात्कार करके जिंदा जला दिया जाता है. उसके दर्द का अंदाज लगा सकते कितना कष्ट होगा, इसलिए इन दरिंदों के मानव अधिकार नहीं है. 

इनको भी तड़पा तड़पा कर मारा जाए. इसके बिना बलात्कारियों और इस तरह के लोगों में खौफ और डर पैदा नहीं होगा. प्रधानमंत्री को धन्यवाद देता हूं कि मासूम बेटियों के बलात्कारियों को फांसी की सजा का कानून संसद ने भी बनाया. अब सर्वोच्च न्यायालय जल्दी इसकी पुष्टि करें और यह दरिंदे फांसी पर लटके.