मुस्लिम प्रोग्रेसिव फोरम ने CM गहलोत को लिखा पत्र, सत्ता-संगठन में भागीदारी की मांग की

फोरम के अध्यक्ष एडवोकेट मोहम्मद शरीफ ने पत्र में लिखा, 'सत्ता और संगठन में भागीदारी नहीं मिलने से मुस्लिम वर्ग में प्रदेश सरकार व पार्टी संगठन को लेकर नाराजगी है.'  

मुस्लिम प्रोग्रेसिव फोरम ने CM गहलोत को लिखा पत्र, सत्ता-संगठन में भागीदारी की मांग की
मुस्लिम प्रोग्रेसिव फोरम ने अशोक गहलोत को पत्र लिखा है. (फाइल फोटो)

जयपुर: 3 शहरों के 6 निकायों में चार जगह जीत के बावजूद कांग्रेस के मुस्लिम मेंयर (Mayor) नहीं बनाने को लेकर मुस्लिम संगठनों में नाराजगी जारी है. मुस्लिम प्रोग्रेसिव फोरम ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) को पत्र लिखकर मुस्लिम वर्ग को सत्ता व संगठन में पर्याप्त भागीदारी देने की मांग की है. 

फोरम के अध्यक्ष एडवोकेट मोहम्मद शरीफ ने पत्र में लिखा, 'सत्ता और संगठन में भागीदारी नहीं मिलने से मुस्लिम वर्ग में प्रदेश सरकार व पार्टी संगठन को लेकर नाराजगी है. इसके अलावा पत्र में मुस्लिम वर्ग की समस्याओं की तरफ भी ध्यान दिलाया गया है.'

पत्र में लिखा है कि मदरसा पैरा टीचर को पूर्व की भांति प्रबोधक बनाकर नियमित किया जाए. भविष्य में मदरसों में विभिन्न संवर्गों के कर्मियों की भर्ती के लिए सेवा नियम बनाकर नियमित किया जाए. शिक्षा निदेशालय बीकानेर का आदेश शत-प्रतिशत लागू किया जाए. प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्टाफिंग पैटर्न के नियम में संशोधन कर प्रस्तावित रीट भर्ती में उर्दू के एल वन के 5000  एल टू के 5000 पदों पर तत्काल भर्ती दिलाई जाए. इसके अलावा सभी राजकीय विवेकानंद मॉडल स्कूल और महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल में उर्दू शिक्षकों को लागू करने की भी मांग की है.