श्रीकृष्ण गौशाला पर पुलिस का छापा, कुशल गिरी महाराज और श्रवण सेन की तलाश में हड़कंप

Nagaur Crime News: नागौर: श्रीकृष्ण गौशाला पर पुलिस की बड़ी रेड! सीओ जतिन जैन के नेतृत्व में 100+ पुलिसकर्मियों ने सत्संग भवन सहित परिसर की तलाशी ली. कुशल गिरी और श्रवण सेन की तलाश, POCSO और SC/ST मामले में आरोप. गौशाला की गतिविधियों पर सवाल.

श्रीकृष्ण गौशाला पर पुलिस का छापा, कुशल गिरी महाराज और श्रवण सेन की तलाश में हड़कंप
Image Credit: Nagaur News

Nagaur News: राजस्थान के नागौर जिले में स्थित प्रसिद्ध श्रीकृष्ण गौशाला पर बुधवार को नागौर पुलिस ने रेड पटकी . नागौर सीओ जतिन जैन के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने सत्संग भवन सहित गौशाला के विभिन्न हिस्सों में दबिश दी, जहां कुशल गिरी और श्रवण सेन की तलाश की जा रही थी. दोनों पर गंभीर आरोपों के चलते पुलिस अलर्ट पर है.

सीओ जतिन जैन के नेतृत्व में सौ से अधिक पुलिसकर्मियों का जाब्ता गौशाला पहुंचा. सत्संग भवन में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन कुशल गिरी और श्रवण सेन का सुराग नहीं लगा. गौशाला परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया. वही पोक्सो एक्ट व एसी एसटी मामले को लेकर आज गौशाला में आरोपियों के तलाश के लिए दबिश दी , जिसमें गौशाला संचालन और अन्य गतिविधियों पर सवाल उठे हैं.

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इस बीच, गौशाला संचालक कुशल गिरी और उनके सहयोगियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. आरोपों में धारा 190 (लोक सेवक को प्रभावित करने का प्रयास), 196 (धोखाधड़ी) और 353 (अश्लील कृत्य) जैसी धाराएं शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि जांच में वित्तीय अनियमितताएं और श्रद्धालुओं से धोखा देने के सबूत मिले हैं. कुशल गिरी महाराज, जो ''बॉस'' के नाम से मशहूर हैं, नागौर की विश्वस्तरीय गौशाला के प्रबंधक हैं और पहले भी विवादों में रहे हैं.

विवाद तब चरम पर पहुंचा जब गौशाला के कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं की एक बस पर लाठियां बरसाईं. बस में सवार भक्त सत्संग के लिए आ रहे थे, लेकिन कर्मचारियों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट की. कई श्रद्धालु घायल बताए जा रहे हैं, जबकि पुलिस ने कर्मचारियों को तितर-बितर कर दिया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई. विपक्षी दलों ने पुलिस कार्रवाई को ''राजनीतिक प्रतिशोध'' करार दिया, जबकि प्रशासन ने इसे ''कानूनी प्रक्रिया'' बताया.

गौशाला, जो हजारों गायों का आश्रय है, अब विवादों के केंद्र में है. कुशल गिरी महाराज का इतिहास भक्ति और सेवा से जुड़ा है, लेकिन हालिया घटनाओं ने उनकी छवि पर सवाल खड़े कर दिए. पुलिस ने जांच जारी रखी है, और दोनों फरारों की तलाश में दबिश तेज कर दी है. नागौर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

यह पूरा मामला -

नागौर हाइवे पर हंगामा: गौशाला स्टाफ की दबंगई, यात्रियों से भरी बस पर हमला

नागौर-जोधपुर हाइवे पर श्री कृष्ण गोपाल गौशाला के बाहर मामूली विवाद ने तूल पकड़ लिया, जब गौशाला स्टाफ ने डूंगरगढ़ से खरनाल दर्शन को जा रही श्रद्धालुओं से भरी बस पर हमला कर दिया. चाय पीने को लेकर शुरू हुए विवाद में गौशाला स्टाफ ने बस के कांच तोड़ दिए और बुजुर्ग महिलाओं व बच्चों के साथ बदसलूकी की. इस घटना से यात्रियों में दहशत फैल गई और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से मामला और गरमा गया, जिसमें स्टाफ की मारपीट और तोड़फोड़ साफ दिख रही है.

सदर थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पहले सात, फिर कुल 14 लोगों को हिरासत में लिया और शांति भंग की धारा 151 के तहत कार्रवाई शुरू की. हालांकि, पीड़ित पक्ष ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं कराई है. नागौर एसपी मृदुल कच्छावा ने सख्त निर्देश दिए कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई हो. नागौर सांसद हनुमान बेनिवाल ने घटना पर नाराजगी जताते हुए श्रद्धालुओं के साथ बदसलूकी को असहनीय बताया और सख्त कार्रवाई की मांग की.

श्रद्धालु इस दबंगई से आहत हैं और प्रशासन से न्याय की उम्मीद कर रहे हैं. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.

नागौर के सदर थाने में पीड़ित ने इन धाराओं में दर्ज हुआ प्रकरण -

भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 ,189(2) .भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 115(2) .भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 352 .भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 351(2) 74 भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 324(4).भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 303(2)

भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 लैंगिक अपराधों से बालकों का सरंक्षण अधिनियम (संशोधित), 2012, 2019 लैंगिक अपराधों से बालकों का सरंक्षण अधिनियम (संशोधित), 2012, 2019 3(1)(r)
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम, 1989 (संशोधन 2015)

3(1)(S) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम, 1989 (संशोधन 2015) 3(2)(va)
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम, 1989 (संशोधन 2015)

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Ansh Raj

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अंश राज, Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत है. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर पैनी नजर रखते हैं. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर की खबरों में खास दिलचस्पी. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनाव और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बयान पर नजर. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करने में मजा आता है. इसके अलावा कंटेंट को पैकेजिंग करके परोसना इनकी खासियत है. डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव. इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है और वर्तमान में मेरठ कॉलेज से LLB की पढ़ाई कर रहे हैं. खबरों की गंध सूंघने और उसे सबसे पहले, सबसे तेज परोसने का जुनून. यही अंश राज हैं
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