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Nagauri Chai Recipe: नागौरी चाय की शुरुआत राजस्थान के नागौर जिले के एक विशेष मुस्लिम समुदाय से मानी जाती है. वर्षों तक यह समुदाय नागौर में मार्बल के व्यापार से जुड़ा रहा. समय के साथ व्यापार का विस्तार हुआ और यही लोग डेयरी व्यवसाय में भी उतर आए. दूध की गुणवत्ता और डेयरी अनुभव ने आगे चलकर नागौरी चाय की नींव रखी.
कामकाज के सिलसिले में इस समुदाय के कुछ लोग मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) पहुंचे. वहीं से नागौरी चाय का असली सफर शुरू हुआ. दूध की भरपूर मलाई, खास मसालों और अनोखे उबाल के साथ बनी यह चाय लोगों को इतनी पसंद आई कि देखते ही देखते मुंबई की गलियों में नागौरी चाय मशहूर हो गई.
आज हालात यह हैं कि दिल्ली में शाहीन बाग से लेकर चांदनी चौक तक, और मुंबई की कई बस्तियों में नागौरी चाय के स्टॉल लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं. नागौर से निकले कुछ लोग पाकिस्तान भी चले गए, इसलिए इसी स्वाद की चाय वहां भी कुछ खास जगहों पर मिल जाती है.
आखिर क्यों इतनी खास है नागौरी चाय?
नागौरी चाय बाकी आम चाय से बिल्कुल अलग होती है.
यह ज्यादा क्रीमी होती है
स्वाद में गाढ़ी और हल्की मीठी
दूध इसकी सबसे बड़ी ताकत है
इस चाय को बनाने वाले लोग दूध को धीमी आंच पर घंटों पकाते हैं, जिससे दूध गाढ़ा और खुशबूदार हो जाता है. यही वजह है कि नागौरी चाय का स्वाद सामान्य चाय से कहीं ज्यादा रिच और भरपूर लगता है.
नागौरी चाय मसाला: स्वाद की असली जान
नागौरी चाय की असली पहचान उसका खास मसाला है, जिसे आप घर पर आसानी से बना सकते हैं.
मसाले के लिए सामग्री
2 चम्मच सौंफ
6-7 लौंग
10-12 काली मिर्च
5-6 इलायची
जायफल का छोटा टुकड़ा
मसाला बनाने की विधि
इन सभी मसालों को तवे पर हल्का सा रोस्ट करें. जब खुशबू आने लगे, तो इन्हें ठंडा करके मिक्सी में पीस लें. तैयार है आपकी स्पेशल नागौरी चाय मसाला.
घर पर कैसे बनाएं नागौरी चाय
एक बर्तन में 1 कप पानी उबालें.
उबाल आने पर चाय पत्ती और चीनी डालें.
अच्छे उबाल के बाद 2 कप दूध मिलाएं.
चाय को 2-3 मिनट तक अच्छी तरह उबलने दें.
उबाल के दौरान चम्मच से चाय को ऊपर-नीचे करते रहें.
अब तैयार मसाला डालें और एक उबाल आने दें.
चाय छानकर सर्व करें.
नोट: जैसा कि नागौरी चाय बनाने वाले बताते हैं, इस चाय की असली जान उसका दूध है. पारंपरिक तरीके से दूध को घंटों पकाया जाता है. इसलिए अगर आप घर पर नागौरी चाय बना रहे हैं, तो उसे उबालने और पकने का पूरा समय दें. जल्दबाज़ी में बनाई गई चाय, असली नागौरी चाय जैसा स्वाद नहीं दे पाएगी.
राजस्थान के नागौर से निकली यह चाय आज सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि एक पहचान बन चुकी है. नागौरी चाय साबित करती है कि अगर स्वाद, मेहनत और परंपरा साथ हों, तो कोई भी चीज देश-दुनिया में अपनी खास जगह बना सकती है.
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